
वाराणसी. शिवपाल यादव की नयी पार्टी ने अपनी ताकत दिखानी शुरू कर दी है। रविवार को पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस के महमूरगंज के तुलसीपुर में आयोजित समाजवादी सेक्युलर मोर्चा कि समागम में सैकड़ों सपा नेताओं ने शिवपाल यादव की पार्टी ज्वाइन कर ली।
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कैंट विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष विनोद यादव ने शिवपाल यादव ने अपने समर्थकों के साथ शिवपाल यादव की पार्टी ज्वाइन कर ली है। विनोद यादव ने अखिलेश यादव का बिना नाम लिए ही उन पर निशाना साधा। कहा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सपा को प्राइवेट कंपनी बना लिया है। संघर्ष के सहारे सत्ता तक पहुंची सपा में अब संघर्ष नहीं करती है। लखनऊ जाकर कुछ लोग फेसबुक, वाट्सऐप व ट्वीटर के जरिए ही पार्टी चला रहे हैं। विनोद यादव ने कहा कि वर्ष 2000 से ही सपा से जुड़ा था। पार्टी के लिए विभिन्न पद पर काम किया था लेकिन अब हमारे नेता शिवपाल यादव है और उन्ही के साथ काम करना है। विनोद यादव के साथ कैंट विधानसभा से युवजन सभा के अध्यक्ष राजू सहानी, सपा के टिकट से नगर निगम चुनाव लड़ चुके हाफिज कौसर, श्यामू यादव, लखन केशरी आदि सैकड़ों सपा नेताओं ने शिवपाल यादव को अपना नेता मानते हुए उनकी पार्टी ज्वाइन कर ली है।
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शिवपाल यादव को है संगठन खड़ा करने में महारत
मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी बनायी थी लेकिन संगठन खड़ा करने की जिम्मेदारी शिवपाल यादव को ही मिली थी। शिवपाल यादव ने संगठन को मजबूत कर सपा को नयी ताकत दिलायी थी। माना जाता है कि शिवपाल यादव को संगठन खड़ा करने में महारत हासिल है। पीएम नरेन्द्र मोदी को चुनाव हराने के लिए अखिलेश यादव, मायावती व राहुल गांधी ने महागठबंधन बनाने की तैयारी की है। दूसरी तरफ शिवपाल यादव ने भी अपनी नयी पार्टी बना कर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। शिवपाल यादव जितनी दमदारी से चुनाव लड़ेंगे। उसका सीधा लाभ बीजेपी को मिलना तय है।
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