अभी गर्मी से नहीं मिलेगी राहत, इतने दिन में पहुंच सकता है मानसून

बारिश के लिए शुभ संकेत है लगातार आ रहे विक्षोभ , दो दिन बाद मौसम में हो सकता है बदलाव

By: Devesh Singh

Published: 22 May 2018, 04:51 PM IST

वाराणसी. गर्मी ने लोगों को बैचेन कर दिया है। राहत के सारे उपाय बेहार साबित हो रहे हैं। अधिकतम तापमान भी 42 डिग्री सेल्सियस पार कर गया है। एक तरफ धूप के तल्ख तेवर ने शरीर को झुलसा दिया है तो दूसरी तरफ उमस ने गर्मी की मार को दोगुना कर दिया है। आईएमडी ने 29 मई तक केरल में मानसून पहुंचने की संभावना जतायी है। केरल में दस्तक देने के बादलों को पूर्वांचल पहुंचने में तीन हफ्ते का समय लग जाता है। अभी तक सामान्य बारिश होने का अनुमान लगाया गया है। पिछले दो सप्ताह के बीच आये तूफान व पश्चिमी विक्षोभ जल्द मानसून आने व अच्छी बारिश के लिए शुभ संकेत हैं।
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मई के दूसरे पखवाड़े में गर्मी ने अपना रुप दिखाना शुरू कर दिया है। बारिश होने के पहले तक पडऩे वाली गर्मी बेहद परेशान करने वाली होती है। इस बार तूफान व पश्चिमी विक्षोभ के चलते अभी तक गर्मी प्रचंड फार्म में नहीं आ पायी थी लेकिन अब सब असर खत्म हो चुका है और गर्मी लोगों को झुलसाने के लिए तैयार है। गर्मी की आलम ऐसा है कि दिन में तेज धूप के साथ गर्म हवाएं परेशान करती है और शाम को बह रही गर्म हवाएं सारे सुकून छीन लेती है। धूप के साथ उमस की दोहरी मार पड़ रही है इसलिए पंखे व कूलर भी दगा दे जा रहे हैं। बनारस की बात की जाये तो यहां पर तूफान व आंधी को थोड़ा ही प्रभाव पड़ा है इसलिए लोगों को गर्मी से अधिक राहत नहीं मिल पायी है।
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दो दिन बाद मिल सकती है राहत, 15 जून के बाद बरसेंगे बादल
बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो.एसएन पांडेय ने बताया कि पुरवा हवा चलने से ही लोगों को उमस परेशान कर रही है। अभी वायुमंडल में एक किलोमीटर की ऊंचाई पर पुरवा हवा बह रही है उसके उपर पछुआ हवा है। दो दिन में नमी के बढऩे की संभावना है और दो से से ढाई किलोमीटर की ऊंचाई से पुरवा चलेगी तो आंधी व बारिश होने की संभावना बन जायेगी। इसके पहले तापमान में बढ़ोतरी के साथ उमस भी लोगों को परेशान करेगी।
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मध्य एशिया तवे तावा सा, खींचे जल महासागर से
मौसम वैज्ञानिक प्रो.एसएन पांडेय ने कहा कि मध्य एशिया तवे तावा सा, खींचे जल महासागर से। इसका अभिप्राय बताया कि राजस्थान आदि राज्य जब तपने लगते हैं तो बादल भी सागर से तेजी से जल खींचने लगते हैं जिससे अच्छी बारिश होती है इस बार भी यही स्थिति बन रही है। हीट आइलैंड बन चुके बनारस में कितनी बारिश होगी। यह अभी कहना कठिन है लेकिन इस बार अच्छी बारिश होने की पूरी संभावना है। IMD ने भी केरल में मानसून समय से पहले पहुंचने का अनुमान लगाया है वह आये तूफान व विक्षोभ के चलते ही लगाया है। तूफान व विक्षोभ से बादल को गति मिली है जो बहुत अच्छा संकेत हैं। प्रो.पांडेय ने कहा कि केरल में दस्तक देने के बाद मानसून की चाल सही रहती है तो 15 जून के बाद पूर्वांचल पर बादल मेहरबान हो जायेंगे। इसके बाद ही लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।
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