
PM Narendra Modi and Mohan Bhagwat
वाराणसी. लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर का मुद्दा जोर पकडऩे लगा है। आरएसएस अब इस मुद्दे को लेकर बीजेपी पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत राम मंदिर को लेकर खास रणनीति बनाने जा रहे हैं। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में छह दिवसीय दौरे पर आरएसएस चीफ मोहन भागवत 11 नवम्बर को आ रहे हैं।
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कोइराजपुर स्थित संत अतुलानंद के निर्माणाधीन परिसर में ही संघ प्रमुख की पाठशाला लगने वाली है। RSS ने संघ प्रमुख के आगमन व कार्यक्रम को लेकर अभी तक अधिकृत सूचना जारी नहीं किया है। सूत्रो की माने तो आरएसएस चीफ की बैठक में देश के प्रमुख 250 प्रांत प्रचारक भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त रुटीन कार्य के लिए 100 स्वयंसेवक की भी ड्यूटी लगायी गयी है। 11 से 16 नवम्बर तक संघ प्रमुख का कार्यक्रम होना है। पीएम नरेन्द्र मोदी बनारस को 2500 करोड़ से अधिक की योजना की सौगात देने के लिए 12 नवम्बर को बनारस आ रहे हैं जहां पर संघ प्रमुख ठहरे हैं उसी के पास पीएम मोदी की जनसभा भी होनी है, जिसके चलते पीएम मोदी व संघ प्रमुख की भेंट होने की भी अटकले लग रही है।
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एजेंडे में सबसे उपर है राम मंदिर का मुद्दा
संघ के एजेंडे में सबसे प्रमुख राम मंदिर का मुद्दा है। संघ से जुड़े सूत्रों के अनुसार लोकसभा चुनाव में बीजेपी की वापसी कराने पर भी चर्चा होगी। इसके अतिरिक्त एससी/एसटी अध्यादेश लाने को लेकर बीजेपी के हो रहे संभावित नुकसान आदि पर भी मंथन किया जायेगा। संघ के सूत्र के अनुसार लोकसभा चुनाव से पहले राम मंदिर पर महत्वपूर्ण निर्णय को लेकर आरएसएस ने बीजेपी पर दबाव बनाया हुआ है जिसे 11 नवम्बर से बढ़ाने की तैयारी है। सूत्रों के अनुसार यदि बीजेपी पर दबाव का असर नहीं हुआ तो इस मुद्दे को संघ आंदोलन भी कर सकता है यदि ऐसा हुआ तो राम मंदिर निर्माण तक संघ का आंदोलन जारी रहेगा।
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Updated on:
10 Nov 2018, 7:50 PM IST
Published on:
10 Nov 2018, 7:50 PM IST
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