23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

ओमप्रकाश राजभर दे सकते हैं बीजेपी को सबसे बड़ा झटका, इस दिन होगा ऐलान

यूपी सरकार से नहीं सुलझ रहे मतभेद, बीजेपी के लिए आसान नहीं होगा राजभर वोटों को जुटाना
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

वाराणसी

•

image

Devesh Singh

•

Updated: 5 Oct 2018, 6:13 PM IST

Om Prakash Rajbhar

Om Prakash Rajbhar

वाराणसी. बीजेपी के सहयोगी दल सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर जल्द ही बीजपेी को झटका दे सकते हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जब से प्रदेश की कमान संभाली है जब से सीएम व सुभासपा नेताओ के रिश्ते अच्छे नहीं है। स्थिति इतनी खराब हो गयी थी कि बेटे की शादी समारोह के लिए ओमप्रकाश राजभर को खुद ही फावड़ा चला कर घर के सामने की सड़क बनानी पड़ी थी। २७ अक्टूबर को लखनऊ में रैली का आयोजन कर सुभासपा ने बीजेपी गठबंधन से अलग होने की तैयारी की है।
यह भी पढ़े:-जमीन पर लेटी बीमार महिला का सीओ ने पूछा हाल, इलाज के लिए भेजवाया अस्पताल


यूपी में राजभर समाज के सबसे बड़े नेता ओमप्रकाश राजभर का बीजेपी से गठबंधन है। यूपी चुनाव २०१७ में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने सुभासपा से गठबंधन किया था। यूपी चुनाव में बीजेपी को फायदा मिला और राजभरों का बड़ा प्रतिशत भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान किया। सुभासपा के चार विधायक भी पहली बार चुनाव जीते हैं। चुनाव जीतने के बाद बीजेपी ने ओमप्रकाश राजभर को कैबिनेट मंत्री बनाया है लेकिन दोनों ही दलों के रिश्ते कभी सहज नहीं रहे। ओमप्रकाश राजभर हमेशा ही बीजेपी पर निशाना साधते रहते हैं। थानों में नियुक्ति से लेकर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सीएम योगी को घेर चुके हैं। ओमप्रकाश राजभर ने कई बार बीजेपी को मंत्री पद से हटाने की खुली चुनौती भी दी थी लेकिन बीजेपी ने कभी सुभासपा को गठबंधन से अलग नहीं किया है।
यह भी पढ़े:-बीजेपी विधायक रवीन्द्रनाथ त्रिपाठी के बेटे ने पीएम व सीएम के खिलाफ किया अपशब्दों का प्रयोग, ऑडियो वायरल, मुकदमा दर्ज

27अक्टूबर को होगा बीजेपी में रहने पर निर्णय
ओमप्रकाश राजभर ने 27 अक्टूबर को विशाल रैली बुलायी है। रैली के बहाने अपनी ताकत दिखाने के बाद से समर्थकों से बीजेपी में रहने या गठबंधन से अलग होने पर राय मांगेगे। इसी आधार पर वह गठबंधन के भविष्य पर निर्णय करेंगे। ओमप्रकाश राजभर ने पहले ही अति पिछड़ों के लिए अलग से आरक्षण देने की समय सीमा का निर्धारण किया है। माना जा रहा है कि यदि रैली के पहले बीजेपी अति पिछड़ों के लिए कुछ नहीं करती है तो वह यूपी सरकार से अलग हो जायेंगे।
यह भी पढ़े:-विवेक तिवारी के हत्यारोपी पुलिसकर्मी के समर्थन में बैठक करने आया बर्खास्त सिपाही बृजेन्द्र सिंह यादव गिरफ्तार

बीजेपी के लिए बड़ा झटका होगा ओमप्रकाश राजभर का अलग होना
बीजेपी के लिए ओमप्रकाश राजभर का अलग होना बड़ा झटका होगा। बीजेपी के पास राजभर वोटरों को अपने पाले में करने के लिए बड़ा नेता नहीं है। अनिल राजभर को कई बार मौका मिला था लेकिन वह ओमप्रकाश राजभर से आगे नहीं निकल पाये। लोकसभा चुनाव 2019 में राहुल गांधी, अखिलेश यादव व मायावती ने महागठबंधन करके पीएम नरेन्द्र मोदी को चुनाव हराने की तैयारी की है। शिवपाल यादव भी अलग होकर अपना मोर्चा बना चुके हैं। साफ है कि इस बार का चुनाव सभी दलों के लिए बेहद कांटे का साबित हो सकता है ऐसे में ओमप्रकाश राजभर जिसके साथ रहेंगे। उस दल के प्रत्याशी के लिए चुनाव जीतना आसान हो जायेगा।
यह भी पढ़े:-बीजेपी ज्वाइन कर सकते हैं राजा भैया, इस दिन होगी घोषणा

बड़ी खबरें

View All

वाराणसी

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग