
वाराणसी. यूपी के कैबिनेट मंत्री व सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर अपने भाषणों को लेकर विवादों में रहते हैं। अभी उन्होंने सीएम योगी आदित्यनाथ को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि यदि हिम्मत है तो मंत्रिमंडल से मुझे बर्खास्त करके दिखाओ। इसी सभा में ओमप्रकाश राजभर ने अपने विधायकों पर व्यंग किया तो सन्नाटा छा गया। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि हमारे तीन विधायक बहुत रसमलाई काट रहे हैं।
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ओमप्रकाश राजभर ने पहले मजाकिये अंदाज में कहा कि उनके तीन विधायक रसमलाई काट रहे हैं इसके बाद ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि यह लोग रसमलाई नहीं खा सकते हैं क्योंकि इन्हें शुगर हुआ है। काम नहीं करते हैं इसलिए शुगर हुआ है। यूपी पुलिस से परेशान सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस थानों में भ्रष्टाचार खत्म नहीं हुआ है। गरीब आदमी का मुकदमा तक नहीं लिखा जाता है। अपने समर्थकों से कहा कि यदि पुलिस उनकी गुहार नहीं सुनती है तो वही पर दरी बिछा कर धरना देना शुरू कर दो। जरूरत पड़े तो मुझे भी बुलाओ मैं खुद वहां पर आ जाऊंगा। अपने साथ विधायकों को भी कहुंगा कि जला वही पर धूल फांका। उन्होंने कहा कि यदि अमीर एफआईआर करता है तो दरोग जी तुरंत ही दोषी को टांग कर ले जाते हैं। ओमप्रकाश राजभर ने वहां उपस्थित लोगों से पूछा कि पुलिस आप लोगों की सुनती है तो जनता ने जोर से नहीं कहा। इसके बाद सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि यदि सीधे उंगली से घी नहीं निकलेगा तो उंगली को टेढ़ी ही करनी होगी। उन्होंने कहा कि जिस थाने में सुनवाई नहीं होती है उसके पास के 20 गांव के लोगों को पार्टी से जोड़ेा और थाने को घेर लो। जब तक न्याय नहीं मिले। तब तक थाने को घेरे रहना। ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि बहुत हो चुका है। हमारे पार्टी के लोग गरीब है इसलिए छह से आठ माह तक एफआईआर दर्ज नहीं होता है।
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बेहद तल्ख हो चुके हैं बीजेपी व सुभासपा के रिश्ते
बीजेपी व सुभासपा के रिश्ते बेहद तल्ख हो चुके हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ व ओमप्रकाश राजभर में अभी तक मतभेद खत्म नहीं हुआ है। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस की यात्रा के दौरान अमित शाह मिर्जापुर भी गये थे। यहां पर अपना दल के कार्यालय में गये थे लेकिन सुभासपा का कोई नेता बीजेपी के चाणक्य माने जाने वाले अमित शाह से मिलने नहीं आया। इसके विपरित लखनऊ में रैली करके सुभासपा ने बीजेपी पर हमला ही बोला है। अब देखना है कि लोकसभा चुनाव 2019 तक सुभासपा व बीजेपी का गठबंधन बचा रहेगा या फिर टूट जायेगा।
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