जिला प्रशासन को चुनाव में वाहनों की जरूरत होती है, जिसके चलते रोडवेज बस, स्कूली वाहनों के साथ प्राइवेट वाहनों का अधिग्रहण किया जाता है। शनिवार को पुलिस लाइन से पोलिंग पार्टी को लेकर सभी वाहन रवाना हो गये हैं। पुलिस लाइन में कुछ प्राइवेट टैक्सी के चालक भी खड़े थे जो व्यवस्था से बेहद निराश थे। पत्रिका से बातचीत में उन्होंने बताया कि आरटीओ से उन्हें पत्र मिला है, जिसमे चुनावी ड्यूटी में वाहन लगाने का निर्देश था। पत्र के अनुसार वह लोग २३ नवम्बर को ही यूपी कॉलेज पहुंच गये थे। कालेज में घंटों इंतजार करने के बाद भी आगे क्या करना है इसकी जानकारी नहीं दी गयी। बाद में बताया गया कि आप लोगों को २४ नवम्बर को सांस्कृतिक संकुल में जाना है। चालकों ने कहा कि आरटीओ से पत्र आया था इसलिए लगन की कमाई छोड़ कर हम लोग २४ को सांस्कृति संकुल पहुंचे थे वहां पर दिन भर बैठाये रखा गया था फिर कहा गया कि २५ नवम्बर को पुलिस लाइन पहुंचना है। शनिवार को दिन भर हम लोग अपने वाहन के साथ पुलिस लाइन में डटे रहे। इसी बीच एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि शाम तक रहना, यदि वाहन की जरूरत नहीं होगी तो तुम लोग को वापस भेज दिया जायेगा। इसके बाद से हम लोग पुलिस लाइन में ही डटे हुए हैं।
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