
वाराणसी: पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में एससी-एसटी एक्ट के विरोध में लोगों ने सड़क पर उतर कर अपनी ताकत दिखायी। सिर पर भगवा गमछा बंाधे और हाथ में तिरंगा लेकर चल रहे सर्व समाज के लोगों ने जमकर जय श्रीराम के नारे लगा कर बीजेपी को तगड़ा झटका दिया है। जिला मुख्यालय पर सबसे अधिक गहमागहमी रही। डीएम व एसएसपी कार्यालय परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों को धकेलते हुए आंदोलनकारी अंदर प्रवेश कर गये।
यह भी पढ़े:-कांग्रेस ने इस दिग्गज नेता ने किया खुलासा, कहा ऐसे राफेल डील में पीएम मोदी सरकार ने किया खेल
पीएम नरेन्द्र मोदी सरकार पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के विरोध में एससी-एसटी एक्ट पर अध्यादेश लाना भारी पड़ता जा रहा है। जो लोग अभी तक पीएम मोदी व सीएम योगी के दौरे पर बीजेपी के लिए नारेबाजी करते थे वही लोग अब सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर गये हैं। सर्व समाज के लोगों ने सबसे पहले शास्त्री घाट से कचहरी तक जुलूस निकाला। जुलूस में छात्र, व्यवसायी, राजनेता से लेकर वकील तक शामिल थे। जिला मुख्यालय पर पहुंच कर लोगों ने पीएम मोदी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जय श्रीराम को नारा भी लगाया और कहा कि केन्द्र सरकार की तानाशाही नहीं चलते देंगे। लोगों की नारेबाजी अभी शांत हुई थी कि वहां पर यूपपी कॉलेज के छात्र भी पहुंच गये। छात्रों ने भी एससी-एसटी एक्ट को काला कानून बताया। साथ ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो निर्णय दिया था वह सही था लेकिन केन्द्र सरकार ने वोट की राजनीति के लिए सवर्णों व पिछड़ों के स्वाभिमान से समझौता कर लिया। बनारस में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन का क्रम जारी है।
यह भी पढ़े:-एससी-एसटी पर लाये गये अध्यादेश पर कांग्रेस ने बीजेपी पर फोड़ा ठीकरा, दिया यह बयान
बीजेपी को तगड़ा झटका लगना तय
बीजेपी को एससी एसटी एक्ट पर अध्यादेश लाना भारी पड़ सकता है। सवर्णों के साथ पिछड़े भी पीएम मोदी सरकार से नाराज हो गये हैं। लोगों का कहना है कि जब देश की सर्वोच्च न्यायालय ने इस मुद्दे पर अपना निर्णय दिया था तो सरकार को अध्यादेश लाने की क्या आवश्यकता था। इस काले कानून के चलते निर्दोष लोगों को जेल जाना होगा ओर कितने घर तबाह हो जायेंगे।
यह भी पढ़े:-डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या का प्रतिनिधि बताकर मांगी दो लाख की रंगदारी, मचा हड़कंप