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बीजेपी के बाहुबली सपा व भाई थामेंगे बसपा का दामन तो इन सीटों पर चुनाव हराना हो जायेगा कठिन

सपा व बसपा गठबंधन को मिलेगा फायदा, लोकसभा चुनाव से पहले सभी पार्टी दूसरे दलों के नेताओं में सेंधमारी में जुटी
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वाराणसी

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Devesh Singh

•

Updated: 5 May 2018, 1:48 PM IST

Ramakant and Umakant Yadav

Ramakant and Umakant Yadav

वाराणसी. बीजेपी के बाहुबली रमाकांत यादव के सपा में जाने की डील पक्की हो जाने के बाद सारा राजनीतिक समीकरण बदल गया है। बाहुबली रमाकांत के सपा में जाने के बाद उनके भाई उमाकांत यादव बसपा में जा सकते हैं यदि ऐसा हेाता है और इन दो सीटों पर दोनों भाई को टिकट मिल जाता है तो भाईयों को चुनाव हराना कठिन हो जायेगा।
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संसदीय चुनाव 2019 में सपा व बसपा का गठबंधन होना तय है। दोनों ही दलों ने खास रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है। संसदीय चुनाव से पहले उन नेताओं में भी सेंधमारी की जा रही है जो गठबंधन के काम आ सकते हैं। इसी क्रम में आजमगढ़ से बीजेपी के बाहुबली नेता रमाकांत यादव के सपा में जाने की तैयारी हो चुकी है। अखिलेश यादव के साथ गुप्त मीटिंग मेें नरेश उत्तम पटेल ने रमाकांत यादव को सपा प्रत्याशी बनाने की योजना बनायी है इस पर अभी पार्टी ने अधिकारिक रुप से अपनी मुहर नहीं लगायी है। बताते चले कि आजमगढ़ से मुलायम सिंह यादव सांसद है और उन्होंने अब आजमगढ़ से चुनाव लडऩे से इंकार कर दिया है ऐसे में सपा को ऐसे नेता की जरूरत है जो आजमगढ़ सीट को बचाये रख सके। इस काम में सपा के लिए रमाकांत यादव कारगर साबित हो सकते हैं इसलिए बाहुबली नेता को पार्टी में एट्री दिलाने की तैयारी हो चुकी है। रमाकात यादव की तरह उनके बाहुबली भाई उमाकांत यादव भी बसपा में जाने की तैयारी में है यदि दोनों भाई सपा व बसपा में चले जाते हैं और आजमगढ़ व जौनपुर से संसदीय चुनाव का टिकट मिल जाता है तो इन्हें चुनाव हराना आसान नहीं होगा।
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रमाकांत व उमाकांत दोनों ही सगे भाई है। रमाकांत यादव ने अपना राजनीतिक करियर बसपा से ही शुरू किया था बाद में मायावती के गेस्ट हाउस कांड के बाद सपा में चले गये थे बाद में सपा को छोड़ कर फिर बसपा का दामन थाम लिया था और वर्ष 2004 में बसपा के टिकट से मछलीशहर से सांसद भी चुने गये थे। रमाकांत यादव ने सपा, बसपा व बीजेपी का दामन थामा है और वह भी वर्ष 2004 में आजमगढ़ से चुनाव जीता था। दोनों ही भाई बाहुबली होने के साथ राजनीतिक में भी सक्रिय रहते हैं इस बात की अधिक संभावना है कि रमाकांत व उमाकांत को क्रमश: आजमगढ़ व जौनपुर से सपा व बसपा गठबंधन का टिकट मिल सकता है यदि ऐसा होता है तो बीजेपी के लिए सबसे तगड़ा झटका होगा।
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