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सऊदी अरब से आए ताबूत को जैसे ही वाराणसी में खोला परिजनों के उड़े होश, वजह जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

वाराणसी एयरपोर्ट पर जैसे शव पहुंचा तो लिखा-पढ़ी के बाद उसे रिसीव किया। दुखी मन से ताबूत को खोला तो परिजन उछल गए। उनके होश उड़ गए। क्योंकि शव जावेद अहमद इद्रीसी का नहीं था, उस ताबूत में रखा शव किसी और व्यक्ति का था। फिर क्या हुआ जानें ....  
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वाराणसी

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 1 Oct 2022, 12:48 PM IST

सऊदी अरब से आए ताबूत को जैसे ही वाराणसी में खोला परिजनों के उड़े होश, वजह जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

सऊदी अरब से आए ताबूत को जैसे ही वाराणसी में खोला परिजनों के उड़े होश, वजह जानेंगे तो हो जाएंगे हैरान

वाराणसी एयरपोर्ट पर चंदौली से आए परिजन जावेद अहमद इद्रीसी के शव का इंतजार कर रहे थे। जावेद अहमद इद्रीसी सऊदी अरब में नौकरी करते थे। तबीयत खराब होने से सऊदी अरब में उनका इंतकाल हो गया। सऊदी अरब सरकार से काफी गुहार लगाने के बाद उनका शव परिजनों के लिए भेजा गया। वाराणसी एयरपोर्ट पर जैसे शव पहुंचा तो लिखा-पढ़ी के बाद उसे रिसीव किया। दुखी मन से ताबूत को खोला तो परिजन उछल गए। उनके होश उड़ गए। क्योंकि शव जावेद अहमद इद्रीसी का नहीं था, उस ताबूत में रखा शव किसी और व्यक्ति का था। फिर तो परिजन नाराज हो गए और हंगामा करने लगे। अब सवाल यह है कि, यह लापरवाही किसने की।

बदल गया शव

जानकारी के अनुसार, जावेद अहमद इद्रीसी चंदौली जिले के सिकंदरपुर गांव निवासी थे। और सऊदी अरब में अल सुबोह मॉडर्न टेक्नोलॉजी कॉरपोरेशन लिमिटेड में मार्केटिंग ऑफिसर पद पर तैनात थे। बीते सप्ताह तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। रविवार को उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना पर परिजन परेशान हो गए। दूतावास से संपर्क कर जावेद का शव मंगवाने की गुहार की। काफी प्रयास के बाद सऊदी अरब से विमान के जरिए दिल्ली पहुंचने के बाद शव इंडिगो एयरलाइंस के विमान से शाम के वक्त वाराणसी एयरपोर्ट पर पहुंचा।

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परिजनों ने कहा, नहीं लेंगे दूसरे का शव

जावेद के शव को लेने के लिए रिश्तेदार मो. नसीम, मो. वसीम, मो. आरिफ, मो. जब्बार एयरपोर्ट पहुंचे थे। लिखा-पढ़ी के बाद जब परिजनों ने ताबूत खोल कर देखा तो उसमें जावेद अहमद की जगह किसी दूसरे व्यक्ति का शव था। यह देख परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। प्रकरण संज्ञान में आते ही डीएम वाराणसी कौशल राज शर्मा ने शव को शिवपुर पोस्टमॉर्टम हाउस में सुरक्षित करा दिया।

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सुरक्षित रखवाया शव - डीएम वाराणसी

डीएम वाराणसी कौशल राज शर्मा ने बताया कि, किसी दूसरे का शव पहुंचने के कारण परिजनों के इनकार के बाद शव को शिवपुर पोस्टमॉर्टम हाउस में सुरक्षित करा दिया गया है। चंदौली प्रशासन को सूचना भेज दी गई है कि वह इस मामले में आगे की कार्रवाई करें।

मृतक जावेद को एक लड़का और एक लड़की

मृतक जावेद को एक लड़की और एक लड़का है। 22 वर्षीय लड़का शोएब अख्तर बीटेक कर रहा है जबकि 16 वर्षीय बेटी मुस्कान इंटर में पढ़ाई कर रही है।