फ्लाईओवर हादसा: घटना को लेकर सेतु निगम के बड़े अधिकारी ने किया चौंकाने वाला खुलासा

हादसे के कारणों को लेकर सब हैं परेशान, जांच रिपोर्ट के बाद दोषी अधिकारियों पर होगी कार्रवाई

By: Devesh Singh

Published: 16 May 2018, 04:36 PM IST

वाराणसी. चौकाघाट प्लाईओवर हादसे को लेकर सभी तरफ कोहराम मचा हुआ है। विरोधी दल इस हादसे को लेकर पीएम नरेन्द्र मोदी से लेकर सीएम योगी तक पर निशाना साध रहा है जबकि हादसे में पीडि़तों को अभी तक यह समझ नहीं आ रहा है कि यह हादसा कैसे हुआ। मौके पर मौजूद रहे पुलिस अधिकारी से लेकर आम लोगों को समझ नहीं आ था कि सैकड़ों टन भारी दो बीम अचानक कैसे गिर पड़ा। सेतु निगम के इस बड़े अधिकारी ने हादसे के कारणों को लेकर चौंकाने वाला खुलासा कर दिया है।
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Collapse Flyover pillar
IMAGE CREDIT: Patrika

सेतु निगम के एमडी राजन मित्तल ने कहा है कि हादसे की जांच शुरू हो गयी है और इसके बाद सारी चीजे निकल कर सामने आ जायेगी। अभी तक जो जंाच हुई है उसमे बीम के नीचे रखे बेयरिंग का लॉक टूटने की वजह से हादसा होने की संभावना जतायी जा रही है। सरकार ने जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है इसके बाद ही स्पष्ट कारण बता चल पायेगा। राजन मित्तल ने कहा कि फ्लाईओवर में लगाये जा रहे कंक्रीट व स्टील की गुणवत्ता बिल्कुल रही है और काम योजना को जल्द पूरा करने के लिए तीन शिफ्ट में काम लगाया गया था। तीनों शिफ्ट में अलग-अलग मजदूर लगाये गये थे उन्होंने कहा क फ्लाईओवर की गुणवत्ता में किसी तरह की कमी नहीं थी हम सभी को कमेटी की जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
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बेयरिंग पर टिके थे फ्लाईओवर के बीम, आपस में नहीं जोड़ा गया था
चौकाघाट निर्माणाधीन फ्लाईओवर के बीम आपस में नहीं जुड़े थे उन्हें पिलर पर बेयरिंग पर रखा गया था। फ्लाईओवर के निर्माण में पहले पिलर बनाये जाते हैं उसके बाद बीम का निर्माण होता है। बीम को गिरने से रोकने के लिए उसके नीचे बहुत हैवी बेयरिंग लगायी जाती है। बेयरिंग लगाने का उद्देश्य बीमा को गिरने से रोकने के साथ झटका को सहने की क्षमता देना भी होता है। सेतु निगम के एमडी ने प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बेयरिंग टूटने की बात कही है इससे बेयरिंग की गुणवत्ता पर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल सही कारण तो जांच कर रही टीम की रिपोर्ट से पता चलेगा।
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सब है परेशान, कैसे गिरा सैकड़ों टन भारी बीम
सभी लोग इसी बात से परेशान है कि सैकड़ों टन भारी बीम कैसे गिर गया। बीम गिरने के कारण उसके नीचे कई वाहन दब गये थे जिसमे 18 लोगों की मौत हो गयी थी और आधा दर्जन से अधिक घायल हो गये थे। घटनास्थल पर मौजूद सारे लोगों के एक ही सवाल थे कि जहां से बीम गिरा है वहां पर मजदूर कार्य भी नहीं कर रहे थे। बीम इतना भारी था कि सैकड़ों लोग मिल कर भी उसे धकेलते तो नहीं गिरता। वहां पर भूकंप भी नहीं आया था तो फिर सैकड़ों टन भारी बीम कैसे गिर गया। हादसे के बाद से फ्लाईओवर की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में आ गयी है अब देखना है कि जांच रिपोर्ट में क्या आता है।
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चार अधिकारी हो चुके हैं निलंबित, सेतु निगम पर दर्ज हुई एफआईआर
फ्लाईओवर हादसे को सेतु निगम की बड़ी चूक माना जा रहा है। घटना के दिन डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने सेतु निगम के चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया था इसके बाद सीएम योगी ने आधी रात को घटनास्थल का दौरा किया था इसके बाद सेतु निगम व फ्लाईओवर से जुड़े ठेकेदारों के खिलाफ सिगरा थाना में एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
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