
वाराणसी. स्थानीय पुलिस जब शहर को अतिक्रमण मुक्त कराने में नाकाम हो गयी है तो एक बार फिर एसएसपी आनंद कुलकर्णी को सड़क पर उतरना पड़ा। गुरुवार को एसएसपी ने लहुराबीर से लोहा मंडी तक निरीक्षण कर दुकानदारों से अतिक्रमण नहीं करने की हिदायत दी। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि यदि दुकानदार नहीं माने तो विधिक कार्रवाई की जायेगी।
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बनारस शहर की प्रमुख समस्या में से एक ध्वस्त ट्रैफिक व्यवस्था है। सड़कों के किनारे किया गया अतिक्रमण सुगम यातायात में सबसे बड़ी बाधा है। सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर डीजीपी ओपी सिंह तक ने अतिक्रमण होने पर स्थानीय थानेदार के जिम्मेदार होने की बात कही है लेकिन पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की पुलिस को इसकी जरा भी परवाह नहीं है। सीएम योगी ने जब शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया तो वरिष्ठ अधिकारियों को भी व्यवस्था सुधारने में लिए सड़क पर उतरना पड़ा। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने लहुराबीर से लेकर मलदहिया लोहा मंडी तक निरीक्षण किया। एसएसपी खुद हाथ में माइक लेकर चल रहे थे और दुकानदारों से अतिक्रमण नहीं करने की अपील की। पटरी के दुकानदारों से तुरंत सड़क को खाली करने को कहा। चेतावनी भी दी कि यदि फिर से यहां पर अतिक्रमण होता है तो विधिक कार्रवाई की जायेगी।
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कमिश्रर से लेकर डीएम तक हटवा रहे शहर का अतिक्रमण
बनारस में अतिक्रमण की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि खुद कमिश्रर दीपक अग्रवाल से लेकर डीएम सुरेन्द्र सिंह को भी सड़क पर उतरना पड़ा है इसके बाद भी सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त कराने में सफलता नहीं मिली है। जनवरी में प्रवासी सम्मेलन को देखते हुए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने की चुनौती अधिकारियों को मिली है, जिसके चलते ही पुलिस अब अतिक्रमण हटाने को लेकर सक्रिय हो गयी है।
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