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किन्नरों का बड़ा ऐलान, कुंभ में अखाड़ा की तरह नहीं मिली मान्यता तो बदल लेंगे धर्म, मचायेंगे उत्पात
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किन्नरों का बड़ा ऐलान, कुंभ में अखाड़ा की तरह नहीं मिली मान्यता तो बदल लेंगे धर्म, मचायेंगे उत्पात

इस बार का कुंभ हंगामेदार हो सकता है। मंगलवार को बनारस में किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बड़ा ऐलान कर दिया है
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Devesh Singh

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Updated: 2 Oct 2018, 7:59 PM IST

वाराणसी. इस बार का कुंभ हंगामेदार हो सकता है। मंगलवार को बनारस में किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बड़ा ऐलान कर दिया है। कहा कि यदि कुंभ में अन्य अखाड़ों की तरह नहाने में मान्यता नहीं मिलती है तो हम धर्म भी बदल सकते हैं। वहां पर ऐसा उत्पाद मचायेंगे कि सनातन परम्परा भी शर्मसार हो जायेगी।
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किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि कुंभ में जिस तरह से १३ अखाड़ा को सुविधा मिलती है उसी तरह की सुविधा हम लोगों को भी चाहिए। यदि कुंभ में हम लोगों का शोषण होता है। और हमे किसी तरह की सहायता नहीं मिलती है तो ऐसा उत्पाद मचायेंगे कि सनातनी परम्परा भी शर्मसार हो जायेगी। हम लोग को जिस धर्म में सम्मान मिलेगा। उसी धर्म को अपना लेंगे। महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि समाज का पतन रोकने के लिए किन्नर अखाड़ा बनाया है। हम लोगों ने अपनी जिंदगी बदल कर सनातनी हो गये हैं। शंकराचार्य मंच से कह रहे हैं कि इन बच्चों को मुख्य धारा में जोडऩा चाहिए। वासुदेवानंद सरस्वती शंकराचार्य प्रभु इतने ज्ञानी इंसान कह रहे हैं और यह बात१३ अखाड़ों को समझ नहीं आ रही है। जो लोग अपनी पीठ की जमीन बेच कर बिजनेसमैन बन चुके हैं। जो धर्म को चलाने के लिए पैसों के मोहताज हो चुके हैं। आज के हिन्दू बच्चे ठीक से एक मंत्र तक नहीं बोल पाते हैं। महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि हम कुंभ में जायेंगे। कुंभ हमारे बिना अधूरा रहता है। जो लोग किसी को फर्जी बाबा घोषित करते हैं उन्हें ऐसा करने का सर्टिफिकेट किसने दिया। किस संविधान या कानून के तहत उन्हें ऐसा करने का अधिकार मिला है। सनातन धर्म किसी की बपौती नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी अखाड़ा किन्नरों को दीक्षा दे सकता है लेकिन किन्नरों के अखाड़े को मान्यता नहीं दी जा सकती है। ऐसा क्यों है। यदि किन्नर किसी संत से दीक्षा ले लेता है तो वह किन्नर नहीं रह जाता है। किन्नर अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि मौत के बाद आत्मा का परमब्रह्म में विलय हो जाता है तो फिर किसी को खराब या अच्छा कैसे कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद के कमिश्रर से भी वार्ता हो रही है और इस बार हम लोग कुंभ में अखाड़े की तरह स्नान करने जायेंगे। यदि हम लोगों को रोका गया तो हम धर्म भी बदल सकते हैं।
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