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ज्ञानवापी मुक्ति की कामना लेकर विश्वनाथ मंदिर पहुंचीं श्रृंगार गौरी की वादिनी महिलाएं, सिर पर कलश रखकर निकाली शोभायात्रा, बाबा विश्वनाथ को चढ़ाया जल

Shringar gauri case। Kashi Vishwanath Temple: वाराणसी में सावन के पवित्र माह में ज्ञानवापी केस से जुड़ी वादिनी महिलाओं ने बाबा विश्वनाथ के मंदिर में मत्था टेका और जलाभिषेक किया है।
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Varanasi news

Pc-Patrika

Varanasi Gyanwapi Case: वाराणसी में सावन के पवित्र माह में ज्ञानवापी केस से जुड़ी वादिनी महिलाओं ने बाबा विश्वनाथ के मंदिर में मत्था टेका और जलाभिषेक किया है। सिर पर कलश रखकर करीब 2 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए महिलाएं बाबा विश्वनाथ के धाम पहुंची और गेट नंबर 4बी से एंट्री कर बाबा विश्वनाथ को जल अर्पित किया। महिलाओं ने बाबा विश्वनाथ से कामना की है कि जल्द से जल्द ज्ञानवापी मामले का निस्तारण हो और वहां दर्शन पूजन की अनुमति मिले।

ज्ञानवापी मुक्ति के लगे नारे

वाराणसी में शनिवार की सुबह 'ज्ञानवापी मुक्त करो' के नारे लगाते हुए ज्ञानवापी और श्रृंगार गौरी कैसे जुड़ी वादिनी महिलाओं ने करीब 2 किलोमीटर लंबी पैदल यात्रा करते हुए सिर पर कलश रखकर श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। यात्रा में महिलाओं ने हर हर महादेव का नारा लगाया और ज्ञानवापी मुक्त करो का भी उद्घोष किया। महिलाओं ने बताया कि बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक करने और न्यायालय में चल रहे ज्ञानवापी मामले में जीत की कामना को लेकर वह पहुंची हैं।

ज्ञानवापी कैसे जुड़ी वादिनी सीता साहू ने दावा किया है कि ज्ञानवापी परिसर में स्थित कथित फव्वारा शिवलिंग है और वहां पर महादेव विराजमान हैं। उन्होंने कामना की है कि कोर्ट इस मामले में जल्द से जल्द फैसला सुनाते हुए श्रृंगार गौरी माता के दर्शन पूजन की अनुमति भी हिंदू पक्ष को दे। उन्होंने कहा कि वह बाबा विश्वनाथ से प्रार्थना करती है कि न्यायालय से फैसला उनके पक्ष में आए।

मंदिर निर्माण की मांग

इस कलश यात्रा में ज्ञानवापी प्रकरण से जुड़े वादी पक्ष के अधिवक्ता भी मौजूद रहे। इस दौरान सभी को विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4बी से प्रवेश कराया गया, जिन्होंने बाबा विश्वनाथ के ऊपर जलाभिषेक किया। सावन और कलश यात्रा के मद्देनजर आसपास सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखा गया था। इस दौरान अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि आक्रांताओं ने मंदिर को ध्वस्त कर ज्ञानवापी मस्जिद का निर्माण कराया था। उन्होंने मांग की है कि यहां से मस्जिद को हटाकर भव्य मंदिर का निर्माण किया जाना चाहिए और यह करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा स्थान है। उन्होंने कहा है कि हिंदू पक्ष को उम्मीद है कि इस मामले में न्यायालय हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाएगी, लेकिन हमारी मांग है कि यह फैसला जल्द से जल्द सुनाया जाए।