
VDA VC Pulkit Khare
वाराणसी. पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी में एक आईएएस अधिकारी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज कर दी है। वीडीए में पारदर्शिता लाने के लिए युवा आईएएस अधिकारी पुलकित खरे ने नया आदेश जारी कर दिया है, जिसके चलते वहां पर हड़कंप मच गया है।
यह भी पढ़े:-अगर बीजेपी को मेयर पद पर मिली जीत तो पहली बार बनेगा यह रिकॉर्ड
वीडीए में कितना भ्रष्टाचार है यह आम आदमी भी जनता है। नक्शा पास कराने से लेकर अन्य काम कराने के लिए रिश्वत देनी पड़ती है। पुलकित खरे ने जब से वीडीए वीसी का पद संभाला है जब से व्यवस्था में बदलाव के लिए कई काम किये हैं, जिसका असर भी दिखायी पड़ रहा है। इसी क्रम में वीडीए वीसी के नये फरमान से भ्रष्ट कर्मचारियों की नीद उड़ गयी है।
यह भी पढ़े:-बिजली की दरों में बढ़ोतरी के बाद अब सीएम योगी चलायेंगे यह अभियान
वीडीए के वीसी का नया आदेश
वीडीए के वीसी पुलकित खरे ने कर्मचारियों की बैठक में नया आदेश जारी किया है। इसके तहत वीडीए के सभी अधिकारी व कर्मचारियों को पांच दिसम्बर तक अपनी चल व अचल सम्पत्ति का विवरण अधिष्ठान अनुभाग में जमा करना होगा। सम्पत्ति के सारे विवरण के लिए एक साफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है और इस विवरण को वीडीए के वेबपोर्टल पर अपलोड किया जायेगा। इसके बाद कोई भी व्यक्ति कही से भी किसी अधिकारी व कर्मचारी की सम्पत्ति को जान सकता है। वीडीए के वीसी ने स्पष्ट कर दिया है कि चल सम्पत्ति के तहत २० हजार या उससे अधिक कीमत के वाहन, गृह उपयोगी उपकरण, नकद धनराशि, बैंक खातों में जमा पैसा, जेवर आदि आते हैं जबकि अचल सम्पत्ति में कृषि भूमि, प्लाट, गृह भवन आदि का विवरण होता है यह सम्पत्ति स्वंय या आश्रित से मिली होती है। वीडीए वीसी का निर्देश जारी होते ही सम्पत्ति का विवरण देने वाले प्रारूप का वितरण शुरू हो गया है जो एक दिसम्बर तक जारी रहेगा। कर्मचारियों के पास २ से लेकर चार दिसम्बर तक प्रारूप भरने का मौका रहेगा। पांच को विवरण जमा करना होगा और संबंधित विभाग से विवरण ६ दिसम्बर तक वीडीए वीसी तक भेजा जायेगा। इसके बाद ७ दिसम्बर को सारी जानकरी ऑनलाइन हो जायेगी। ९ दिसम्बर को अधिकारिक रुप से यह जानकारी जनता के लिए उपलब्ध होगी।
यह भी पढ़े:-एड्स के प्रति जागरूकता ही बीमारी से बचाव का बड़ा हथियार
गलत जानकारी दी तो होगी सख्त कार्रवाई
वीडीए वीसी पुलकित खरे ने कहा कि अधिकारी व कर्मचारी गलत जानकारी देते हैं तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जायेगी। अधिकारी व कर्मचरी के सम्पत्ति को लेकर किसी तरह की शिकायत मिलती है तो सतर्कता विभाग को सूचना देकर जांच करायी जायेगी। वीडीए के वीसी ने कहा कि यदि निर्धारित अवधि तक जानकारी नहीं मिलती है तो इसके लिए संबंधित कर्मचारी जिम्मेदार होगा और उसका वेतन रोकते हुए विभागीय कार्रवाई की जायेगी।
यह भी पढ़े:-निकाय चुनाव परिणाम आने के बाद बढ़ सकता है अपराध का ग्राफ
Published on:
30 Nov 2017, 9:09 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.