30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

अजमेर
ढोला-मारू के जिले में रोज हो रही कोर्ट मैरीज, टूट रहे जाति और धर्म के बंधन
Play video

ढोला-मारू के जिले में रोज हो रही कोर्ट मैरीज, टूट रहे जाति और धर्म के बंधन

ajmer news : प्रेमी युगल ढोला मारू के जिले अजमेर में रोजाना एक कोर्ट मैरिज हो रही है। यहां कलक्ट्रेट में विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष रोजाना एक युवक-युवती की शादी हो रही है। खास बात यह है कि धर्म और जाति के बंधन को तोड़ कर युवक-युवतियां यहां आकर शादी रचा रहे हैं।
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

Yuglesh Sharma

•

Updated: 30 Nov 2019, 9:08 AM IST

युगलेश शर्मा.

अजमेर. प्रेमी युगल ढोला मारू (Dhola-Maru) के जिले अजमेर (ajmer) में रोजाना एक कोर्ट मैरिज हो रही है। यहां कलक्ट्रेट में विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष रोजाना एक युवक-युवती की शादी (marrige) हो रही है। खास बात यह है कि धर्म और जाति के बंधन को तोड़ कर युवक-युवतियां यहां आकर शादी रचा रहे हैं। शुक्रवार को भी अलग-अलग जाति के युवक-युवती ने यहां प्रेम विवाह किया। इसी तरह हर जाति और धर्म के प्रेमी युगल यहां आकर ब्याह रचा रहे हैं। इतना ही नहीं दूसरे देश की लडक़ी या लडक़े से शादी के भी उदाहरण हैं।


कलक्ट्रेट में अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर) के कार्यालय में विवाह पंजीयन के लिए युवक-युवती परिणय सूत्र में बंधने के लिए आ रहे हैं। यहां से जारी पंजीयन सर्टिफिकेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य होता है। एडीएम (शहर) सुरेश सिंधी के अनुसार उन्हें कार्यकाल संभाले एक महीना हुआ है। इस दौरान हर रोजाना एक शादी उनके समक्ष हुई है। उनका मानना है कि इससे न केवल धर्म और जातियों का बंधन टूट रहा है,बल्कि अभिभावक भी अनावश्यक खर्चे व कर्जे से बच रहे हैं।

परदेस की कन्या से ब्याह

विवाह पंजीयन अधिकारी के समक्ष पुष्कर के एक युवक ने जहां परदेस की लडक़ी से शादी की है, वहीं अजमेर के युवक ने नेपाल की युवती से शादी रचाई है।

आज ही 21 वर्ष का हुआ

विवाह पंजीयन कार्यालय में शुक्रवार को हुई शादी में रोचक बात यह सामने आई कि युवक शुक्रवार को ही 21 साल का हुआ है। अतिरिक्त जिला कलक्टर सिंधी के अनुसार लडक़ी जहां 19 साल की आयु की है वहीं लडक़ा आज ही 21 का हुआ है।

इनका कहना है

रोजाना एक जोड़ा विवाह के लिए पहुंच रहा है। हर धर्म और जाति के लोग स्वयं की इच्छा से एक-दूसरे से शादी कर मन पसंद जीवन साथी चुन रहे हैं। इससे धर्म और जातियों के बंधन टूट रहे हैं, वहीं शादी समारोह में होने वाले अनावश्यक खर्चे व कर्जे से भी बचा जा रहा है।

सुरेश सिंधी, अतिरिक्त जिला कलक्टर (शहर)