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video :ख्वाजा नगरी में दिल से मिले दिल और कहा ईद मुबारक, यूं मनाया बकरीद का त्योहार
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video :ख्वाजा नगरी में दिल से मिले दिल और कहा ईद मुबारक, यूं मनाया बकरीद का त्योहार

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अजमेर

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Sonam Ranawat

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Updated: 22 Aug 2018, 12:48 PM IST

अजमेर. अल्लाह की राह में कुर्बानी का त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) बुधवार को मनाया गया। ईद की मुख्य नमाज केसरगंज स्थित ईदगाह में शहर काजी तौसीफ अहमद सिद्दीकी ने अदा कराई। यहां हजारों नमाजियों ने नमाज पढ़ी और अच्छी बारिश व मुल्क में खुशहाली की दुआ की। इसके बाद सभी ने गले मिल कर एक-दूसरे को ईद की मुबारकबाद दी।

 

ईदगाह के अलावा ख्वाजा साहब की दरगाह स्थित शहजाहनी मस्जिद, संदली मस्जिद, कलेक्ट्रेट मस्जिद, क्लॉक टावर मस्जिद, रातीडांग स्थित ईदगाह आदि स्थानों पर भी बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नमाज पढ़ी। इसके साथ ही कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया। कुर्बानी तीन दिन तक चलेगी। इस दौरान जिले भर में करीब 40 हजार बकरों की कुर्बानी का अनुमान है।

 

ईदगाह के बाहर राजनेताओं का जमावड़ा

केसरगंज स्थित ईदगाह के बाहर राजनीतिक पार्टियों के नेताओं का जमावड़ा रहा। ईदगाह के गेट पर विभिन्न पार्टियों के बैनर लगाए गए। इसमें आम आदमी पार्टी भी शामिल है। कांग्रेस नेताओं में पीसीसी सचिव महेन्द्र सिंह रलावता, पूर्व शिक्षा राज्यमंत्री नसीम अख्तर इंसाफ, पूर्व विधायक डॉ. श्रीगोपाल बाहेती, शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन, शैलेन्द्र अग्रवाल सहित कई नेता व कार्यकर्ताओं ने नमाजियों को ईद की मुबारकबाद दी वहीं भाजपा से पूर्व सांसद रासासिंह रावत ने मुबारकबाद दी।

 

जन्नती दरवाजे से गुजरने की होड़

बकरीद के मौके पर ख्वाजा साहब की दरगाह स्थित जन्नती दरवाजा भी जियारत के लिए खोला गया। सुबह 4 बजे जैसे ही यह दरवाजा खोला गया, जायरीन में इस दरवाजे से गुजरने की होड़ मच गई। दोपहर दो बजे तक जायरीन इस दरवाजे से गुजरे। इसके बाद जन्नती दरवाजा फिर से बंद कर दिया गया। जन्नती दरवाजा साल में चार बार विशेष मौकों पर ही खोला जाता है। कहा जाता है कि जो लोग किन्हीं कारणों से हज पर नहीं जा पाते वह जन्नती दरवाजे से गुजर कर हज की तमन्ना पूरी करते हैं। ऐसी मान्यता भी है कि इस दरवाजे से सात बार गुजरने से जन्नत नसीब होती है।