भिलाई स्टील प्लांट के भीतर में पटरी के बाजू से लेपर्ट Leopard का चलता हुआ वीडियो सामने आया है। जिसे देखकर कर्मचारियों में दहशत panic among workers है। वैसे अब तक लेपर्ड के किसी को नुकसान पहुंचाने की सूचना नहीं है। इस वजह से प्रबंधन ने भी इस मामले में संयम बरता हुआ है। लेपर्ड प्लांट के भीतर है, तो कहां है और किस स्थान पर वर्तमान में मूवमेंट कर रहा है। यह सारे सवाल उठ रहे हैं। बीएसपी के भीतर 235.45 किलोमीटर में रेलवे ट्रैक बिछा हुआ है। प्लांट में किस पटरी के पास से लेपर्ड गुजर रहा है, वह भी सही तौर पर कहा नहीं जा सकता है।
8,993 एकड़ क्षेत्र में फैला है बीएसपी
भिलाई स्टील प्लांट Bhilai Steel Plant करीब 8,993 एकड़ क्षेत्र में फैला है। इसमें बड़े क्षेत्र में झाडिय़ां हैं। लेपर्ड इन झाडिय़ों में कहां है, यह तलाश पाना आसान नहीं है। यही वजह है कि प्लांट में चोर आसानी से आते हैं और कॉपर पार कर ले जाते हैं।
650 सीसीटीवी कैमरे से कैसे बच गया लेपर्ड
भिलाई इस्पात संयंत्र में 130 सीसीटीवी कैमरे प्रमुख गेट के साथ-साथ संयंत्र के भीतर में लगाए गए है। 520 नए कैमरे लगाए जा चुके हैं। इस तरह से कुल 650 से अधिक सीसीटीवी कैमरे संयंत्र की निगरानी के लिए लगाए गए हैं। इन कैमरों पर सीआईएसएफ की नजर 24 घंटे रहती है। आखिर लेपर्ड इन कैमरों से कैसे बचकर प्लांट के भीतर तक पहुंच गया है। प्लांट के बाऊंड्रीवाल में भी कैमरे लगाए गए हैं। बीएसपी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पहले ही सीआईएसएफ के 700 जवानों की तैनाती अलग-अलग पाली में रहती है। तब जवानों के नजर से कैसे बचकर प्लांट के भीतर तक लेपर्ड पहुंच सकता है।
मैत्रीबाग की टीम जाएगी प्लांट
लेपर्ड की तलाश में मैत्रीबाग की टीम बुधवार को भिलाई स्टील प्लांट के भीतर जाएगी। उनके साथ वन विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। यहां तेदुंआ के निशान मिलते हैं, तब लेपर्ड को पकडऩे के लिए जाल बिछाया जाएगा। https://www.patrika.com/exclusive/watch-video-common-people-have-high-expectations-from-the-central-government-need-a-relief-filled-budget-19351013