
रिपोर्ट:-राजेश सिंह
फतेहपुर. बीजेपी शासन में मुगलकालीन चीजों को लेकर अक्सर विवाद की खबर आती रहती है लेकिन हमेशा ऐसा नहीं होता है। सीएम योगी आदित्यनाथ के राज में फतेहपुर में स्थित औरंगजेब के किले की तकदीर संवर सकती है। शुक्रवार को जिलाधिकारी अनंजय कुमार ने जिले के औरंगजेब के किले व उसके आस-पास स्थित ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व के स्थानों का निरीक्षण किया। किले में पहले से ही पुरातत्व विभाग रखरखाव का काम चल रहा है जिसे और ठीक करने का निर्देश दिया है।
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जिलाधिकारी अनंजय कुमार सबसेे पहले मुगल कालीन ऐतिहासिक नगरी खजुहा कस्बे गये। इसके बाद ऐतिहासिक बाग बादशाही को देखा। डीएम ने तुरंत ही बाग बादशाही की मरम्मत व रंगाई-पुताई करने को कहा है। इसके बाद कस्बे के मंदिर, तालाब व कुओं को देखा। इन जगहों को ठीक करने को कहा है। जिलाधिकारी ने खजुहा कस्बे के मां पांथे स्वारीदेवी मंदिर, रावण तालाब की भी स्थिति देखी। उन्होंने तालाब को साफ करने को कहा है। इसके बाद डीएम ने लखनाखेड़ा ग्राम पंचायत, रानी का तालाब, लंका मेला मैदान व तालाब को भी देख कर आवश्यक निर्देश दिये हैं।
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तालाबों को जनपद बनेगा फतेहपुर
डीएमअनंजय कुमार ने कहा कि जिले को तालाबों को जनपद बनाया जायेगा। यहां पर ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व की जितनी चीजे हैं उसका जीर्णाद्वार किया जायेगा। मनरेगा के तहत साफ-सफाई की व्यवस्था करायी जायेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में आपार संभावना होती है ऐसे में शासन को प्रस्ताव भेज कर जिले को पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित किया जायेगा।
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औरंगजेब के किले से दिल्ली तक जाती थी सुरंग
औरंगजेब के खजुहा किले का बहुत ऐतिहासिक महत्व है। फतेहपुर की किवदंती को माने तो इस किले से नई दिल्ली तक जाने के लिए सुरंग बनी थी। किले के अंदर बहुत से तालाब व कुंए भी है। जिन्हें ठीक करके पर्यटन को बढ़ावा दिया जायेगा। जिलाधिकारी की यह पहल कितना रंग लाती है यह तो समय ही बतायेगा। इतना साफ हो गया है कि जिले की ऐतिहासिक चीजों को सहेज कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है जिससे रोजगार के नये अवसर मिलने के साथ स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति भी अच्छी होगी।
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