
जीका पर रोक के दावे खोखले
जयपुर। राजधानी जयपुर में जीका का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावों के बीच जयपुर में जीका वायरस के मरीजों की संख्या सौ के पार हो गई है। जयपुर में जीका के गुरुवार को ६ मरीज सामने आए। इसी के साथ मरीजों की संख्या का आंकड़ा सौ तक पहुंच गया। जयपुर में फैल रहा जीका वायरस देशभर में लोगों की जुबान पर आ गया है। यही कारण है कि दिल्ली से आई टीम इसके अध्ययन में जुट गई है। मुख्य सचिव ने भी सचिवालय में जीका को लेकर बैठक की और निर्देश दिए।
जीका वायरस के मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते अब स्वास्थ्य विभाग संख्या को छुपाने में जुट गया है। रोज शाम को जीका व अन्य मौसमी बीमारियों को लेकर स्वास्थ्य विभाग में समीक्षा बैठकों का दौर जारी है। विभाग दावा कर रहा है कि अब तक आए सौ मरीजों में से ८० मरीजों में बीमारी के लक्षण खत्म हो चुके हैं।
१०४ और १०८ पर ले सकते हैं जानकारी
स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वीनू गुप्ता ने प्रदेश में जीका, डेंगू, मलेरिया व अन्य मच्छर जनित मौसमी बीमारियों सहित स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण, रोकथाम एवं उपचार सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि टोल फ्री 104 अथवा 108 से स्वाइन फ्लू के लक्षण, जांच एवं उपचार के बारे में जानकारी ली जा सकती है। उन्होंने कहा कि स्वाइन फ्लू की रोकथाम एवं उपचार के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित की जा रही है।
कलेक्ट्रेट व न्यायालय में एंटीलार्वा कार्रवाई के निर्देश
मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने गुरुवार को सचिवालय में शहर में जीका वायरस की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने सचिवालय, न्यायालय परिसर, कलेक्ट्रेट एवं अन्य राजकीय परिसरों में भी सफाई के एंटीलार्वा पर कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हवामहल, जंतर-मंतर, अल्बर्ट हॉल सहित पर्यटन स्थलों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। जीका प्रभावित क्षेत्रों में स्थित शैक्षणिक, राजकीय एवं अन्य संस्थानों के परिसरों में भी एन्टीलार्वा गतिविधियां आयोजित करने के लिए कहा।
निगम को फोगिंग के निर्देश
मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने नगर निगम के अधिकारियों को सफाई की पुख्ता व्यवस्था करने के साथ ही मच्छरों की रोकथाम के लिए संबंधित क्षेत्रों को सूचित कर फोगिंग कराने के निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों को राजस्थान पुलिस अकादमी, पुलिस लाइन, आरएसी बटालियन, पुलिस थाने, चौकियां इत्यादि सभी स्थलों पर स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से मच्छरों की रोकथाम के उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने सैन्य अधिकारियों को क्षेत्रों में भी मच्छरों व लार्वा पर प्रभावी नियंत्रण करने के लिए कहा।