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video : राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 5th दीक्षांत समारोह का आयोजन, 514 विद्यार्थियों को प्रदान की उपाधि
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video : राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय में 5th दीक्षांत समारोह का आयोजन, 514 विद्यार्थियों को प्रदान की उपाधि

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किशनगढ़

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Sonam Ranawat

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Updated: 3 Nov 2018, 7:04 PM IST

मदनगंज-किशनगढ़. प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद अध्यक्ष (ई.ए.सी) एवं नीति आयोग सदस्य विवेक देवराय ने कहा कि दीक्षांत समारोह का अर्थ दीक्षा के साथ समावर्तन भी होता है। जो आपने ग्रहण किया है उसे राष्ट्र, समाज और शैक्षणिक संस्थान को लौटाने की परंपरा को ही दीक्षांत कहा जाता है। यह बात मुख्य अतिथि देवराय ने शुक्रवार को बांदरसिंदरी स्थित राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह में कही।

 

उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह एक प्राचीन परंपरा है। पहले छात्र गुरुकुल में बैठकर शिक्षा प्राप्त करते थे। शिष्य जो संस्कार शिक्षा के दौरान सीखता है वहीं अपने गुरू को लौटाता था उसके बाद ही उसे दीक्षित किया जाता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने यहां से शिक्षा का कौशल सीखा है उसके आधार पर वह दुनिया में प्रवेश करेंगे। उन्होंने कहा कि बीस साल की उम्र सीखने की होती है। चालीस साल तक दुनिया उसे चिन्हित कर लेती है और वह दुनिया के समरूप हो जाता है।

 

साठ साल में अनुभवी हो जाते और सेवानिवृति की ओर अग्रसर होते हैं और 80 साल की उम्र में आते-आते पूर्ण परिपक्व, विशेषज्ञ व सलाहकार मान लिया जाता है। इस प्रोसेस को ध्यान में रखकर ही हमें कार्य करना चाहिए। कुलपति फ्रोफेसर अरूण कुमार पुजारी ने अतिथियों का स्वागत किया और विद्यार्थियों ेवं उनके माता-पिता को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने कर्तव्य के प्रति सजग रहने तथा उनके शिक्षकों की ओर से दिए आदर्शो को कभी ना भूलने की बात कही। कुलसचिव के.वी.एस कामेश्वर राव ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह में सभी स्टॉफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।


विद्यार्थी की सफलता ही संस्थान की पूंजी
दीक्षांत समारोह में अध्यक्षता कर रहे कुलाधिपति डॉ. के. कस्तूरीरंगन ने कहा कि विद्यार्थियों को जो अवसर मिला है वह बेहतरीन है। यह डिजीटल दौर और वैश्विक युग में शिक्षा तकनीकी और कौशल में मददगार साबित होगा। विद्यार्थियों की सफलता ही संस्थान की पूंजी और पहचान होती है। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता से ही ब्रांड बनता है। वह समय दूर नही है जब राजस्थान केन्द्रीय विश्वविद्यालय भी वल्र्ड क्लास युनिवसिटी में शामिल होगा।


इन्हें किया स्वर्ण पदक से सम्मानित
दीक्षांत समारोह में सोजो जैमस, मोनू जांगिड़, सुरभी माहेश्वरी, श्रुति पंवार, खुशबू रानी, काजोल यादव को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया। इसी प्रकार कोमल जांगिड़, किरण, टिनामुनम साहू, दशरथ सिंह, ईशा शर्मा, निर्मल जोसफ, सिद्धार्थ सरकार, प्रदीप आरती, ताराचंद कुमावत, कनिका रुनवाल, प्रियंका, हर्षा पी.जे, प्रेमाशीष कुमार, दीपिका कुमारी मीना, हमजा हसन मोटा, महिशवरम आदि को स्वर्ण पदक दिए गए।


पीएचडी डिग्री की प्रदान
समारोह में अंकित शर्मा को, हीना ईनानी व शिवानी शर्मा को, अंजू यादव को पीएचडी डिग्री से नवाजा गया।इसी प्रकार अहमद मुसफर को, अजित कुमार पटेल, अखिलेश कुमार शर्मा, अनुराधा अग्रवाल , रिचा माथुर, पखुरी मेहता, विनोद कुमार सरोज, निशांत नायक को भी पीएचडी डिग्री पदान की गई।


एक्सीलेंस इन वोकेशनल एज्युकेशन अवार्ड
समारोह में आर्मस्टांग अवार्ड फॉर गल्र्स स्टूडेंट फॉर एक्सीलेंस इन वोकेशनल एज्युकेशन का अवार्ड भी दिए गए।इसमें अंजली, हेमा खोरवाल, सुरभी माहेश्वरी और अनामिका अजमेर को अवार्ड से सम्मानित किया गया।


प्रजापति और गुप्ता को बैस्ट फैकल्टी

ttps://समारोह में चैलैंजर्स अवार्ड फॉर बेस्ट फैकल्टी के अवार्ड भी दिए गए।इसमें डॉ. उमेश गुप्ता व डॉ. विजय कुमार प्रजापति को बेस्ट फैकल्टी के अवार्ड से नवाजा गया।