
कोटा। दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग स्थित कोटा जंक्शन पर यात्री यार्ड रिमॉडिलिंग और रूट रिले इंटरलॉकिंग का कार्य सोमवार से शुरू हो जाएगा। यह कार्य 10 मई तक चलने की संभावना है। इस तरह हर रोज औसत 80 अप-डाउन यात्री ट्रेनों में सफर करने वाले एक लाख से ज्यादा यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 18 दिन की परेशानी के बाद कोटा जंक्शन से ट्रेन परिचालन में सुगम हो जाएगा। प्लेटफार्म संख्या तीन की क्षमता बढ़ जाएगी। इस पर 24 कोच की ट्रेनें खड़ी हो सकेगी। 18 दिन के इस खास मिशन के दौरान 29 अप्रेल से 10 मई तक ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा। कई ट्रेनों को निरस्त करना पड़ेगा। यार्ड रिमॉडलिंग और रूट रिले इंटरलॉकिंग का मुख्य कार्य 3 मई से 10 मई तक होगा। इस दौरान प्लेटफार्म नम्बर चार पर कोई भी ट्रेन नहीं आएगी। सभी ट्रेनों का परिचालन सोगरिया स्टेशन से किया जाएगा। कोटा जंक्शन से दिल्ली-मुंबई राजधानी एक्सप्रेस, दूरंतो एक्सप्रेस, अंत्योदय एक्सप्रेस, युवा एक्सप्रेस, गोवा संपर्क क्रांति, गुजरात संपर्कक्रांति एक्सप्रेस, निजामुद्दीन-त्रिवेन्द्रम राजधानी एक्सप्रेस जैसी महत्पूर्ण ट्रेनों का परिचालन होता है। इनमें सफर करने वाले यात्रियों को लेट लतीफी जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेल प्रशासन की ओर से यह मशक्कत की जा रही है कि यात्रियों को कम से कम परेशानी हो। इसके लिए डीआरएम यू.सी. जोशी ने अधिकारियों का दल गठित करके जिम्मेदारियों सौंप दी हैं।