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गहलोत के इस फैसले के बाद चुनावी सरगर्मी हुई तेज, अभी से कर दिए बड़ी जीत के दावे..

दो वार्डों को तोड़कर बनेगा तीसरा वार्ड, नेता नफा-नुकसान में उलझे
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कोटा

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Rajesh Tripathi

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Updated: 12 Jun 2019, 6:54 PM IST

कोटा. राज्य सरकार की ओर से नगर निगम में वार्डों की संख्या बढ़ाने तथा नए सिरे से परिसीमन करने की अधिसूचना जारी करने के दूसरे दिन मंगलवार को शहर में राजनीतिक गलियारों में नए वार्डों को लेकर चर्चाएं होती रही और नेताओं की बैठकों का दौर भी शुरू हो गया।
भाजपा और कांग्रेस के नेता 65 से बढ़ाकर 100 वार्ड करने के नफे-नुकसान के आंकड़ों में उलझे रहे। दोनों ही दलों के नेता चुनावी तैयारियों में जुट गए हैं।निगम में अभी 65 वार्ड हैं। इसमें 53 पार्षद भाजपा, छह पार्षद कांग्रेस तथा अन्य निर्दलीय हैं। कुछ निर्दलीय पार्षदों ने भाजपा का दामन थाम लिया है। अभी निगम में क्षेत्र में चार विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इसमें सबसे कम वार्ड रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के चार वार्ड आते हैं। नई अधिसूचना के अनुसार मौजूदा दो वार्डों को तोड़कर तीसरा वार्ड बनाया जाएगा। 35 नए वार्ड बनाए जाएंगे। शहर के लोगों का कहना है कि वार्डों की संख्या बढ़ाने से कुछ नहीं होगा। 65 पार्षद होने के बावजूद जनता को कोई राहत नहीं दे पाए हैं। दोनों ही दलों को अच्छे लोगों को चुनाव में उतारना चाहिए।

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निगम क्षेत्र का बढ़ सकता है दायरा
निगम क्षेत्र में 100 वार्ड होने से क्षेत्र का दायरा बढ़ाने पर भी चर्चा चल रही है। कांग्रेस के पिछले शासन में निगम क्षेत्र के आसपास के तीन दर्जन गांव शामिल किए गए थे। इसके बाद नगर विकास न्यास का दायरा भी बढ़ाया गया है। बूंदी जिले के सात गांव न्यास के क्षेत्र में आ गए हैं। चर्चा है कि नए परिसीमन में कुछ और गांवों में शामिल किया जा सकता है। 2014 में हुए परिसीमन में औसत 15 से 18 हजार की आबादी पर एक वार्ड बनाया गया था। अब 10 से 12 हजार की आबादी पर एक वार्ड होगा।


कार्यकर्ता खुश, नेताओं से सम्पर्क साधने लगे
नए वार्डों के गठन की घोषणा के बाद भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता भी सक्रिये हो गए हैं। वार्डों की संख्या बढ़ाने से कार्यकर्ता खुश हैं कि उन्हें भी पार्षद का चुनाव लडऩे का मौका मिलेगा। वहीं नेताओं को भी कार्यकर्ताओं को उपकृत करने का मौका मिल जाएगा। वार्ड छोटे होने का असर चुनाव में भी दिखेगा। दोनों ही दलों को जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं को चुनाव में मौका देना पड़ेगा। जो कार्यकर्ता वार्ड में सक्रिये हैं, जनता के सुख-दुख में भागीदार बनते हैं, वह जीताऊ श्रेणी में माने जाएंगे।

वार्डों की संख्या बढ़ाने से सीधे तौर पर जनता को फायदा होगा। पार्षद पूरे वार्ड पर नजर रख सकेगा। कार्यों की प्रभावी निगरानी कर सकेगा। कांग्रेस पार्टी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है।
क्रांति तिवारी, सदस्य पीसीसी


भाजपा ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। परिसीमन पर भी कार्यकर्ता पूरी नजर रखेंगे। पंाच साल में भाजपा बोर्ड ने डोर टू डोर कचरा संग्रहण, ई-फाइल ट्रैकिंग जैसे जनता की सुविधा के कई अच्छे काम किए हैं।
जगदीश जिंदल, शहर महामंत्री भाजपा