
कोटा. पिछले लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान सरकार आने पर काला धन वापस लाकर जनता के खातों में 15-15 लाख रुपए डलवाने का दावा करने वाली भाजपा के विधायक अपनी बात तो भूल गए और राजस्थान में सरकार बदलते ही कांगे्रस से किसानों के लिए कर्ज माफी के दो लाख रुपए का हिसाब मांगने लगे हैं। बता दें, वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में सैकड़ों रैलियां कर जनता से वादे किए थे कि सरकार आते ही जन-धन योजना के तहत गरीबों के बैंक खाते खुलवाकर 15-15 लाख डलवाएंगे।
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मोदी के भाषणों का जादू लोगों पर इस कदर चला कि केंद्र व राज्य में भाजपा सत्ता में काबिज हो गई। इसके बाद सरकार ने कामकाज संभालते ही बैंकों में धड़ाधड़ खाते खुलवाए तो लोगों को उम्मीद जगी कि अब उनके खातों में धन-धन पैसा बरसेगा। लेकिन, केंद्र सरकार का कार्यकाल खत्म होने की दहलीज पर खड़ा है और बैंक खाते अब भी वीरान पड़े हैं।
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कांग्रेस का पलटवार, मांगा 15 लाख का हिसाब
कोटा प्रवास पर आए भाजपा प्रदेश प्रवक्ता एवं विधायक सतीश पूनिया ने पत्रकार वार्ता में कहा कि विधानसभा चुनाव में अलवर की एक सभा में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने किसानों का समग्र ऋण माफ करने का वादा किया था, लेकिन कांग्रेस इस वादे से मुकर रही है। किसानों का दो लाख रुपए तक का कर्ज माफी करने की घोषणा तो कर दी, लेकिन अभी तक रोडमैप तक तय नहीं किया।
प्रदेश के किसानों को इंतजार है कि कब गहलोत दो लाख रुपए का बैग भरकर उनके घर आएंगे। पुनिया के बयान पर पलटवार करते हुए कांगे्रस नताओ ने भाजपा से 15 लाख का हिसाब मांग लिया। कांग्रेसियों ने पुनिया को याद दिलाया की पिछले लोकसभा चुनाव में सरकार बनने पर बैंक खाते खुलवाकर 15-15 लाख रुपए डालने का वादा किया था। सरकार अंतिम चरण में है लेकिन अभी तक गरीबों के खातों में पैसा नहीं आया।
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कोरे वादों ने पलट दी तीन सूबों की तस्वीर
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में मोदी सरकार का जादू नहीं चला। कोरे वादों से जनता का आक्रोश राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में भाजपा का तख्त पलट गया। राज्य में कांगे्रस की सरकार बनते ही किसानों का 2 लाख रुपए का कर्जा माफ की घोषणा की गई।