
कोटा. कोटा में एक बार फिर डेंगू व स्वाइन फ्लू का वायरस सक्रिय हो गया। ( Dengue and swine flu Virus Active ) दोनों ने अपना असर भी दिखाना शुरू कर दिया, लेकिन चिकित्सा विभाग अभी तक मुस्तैद नहीं हुआ। सोमवार को कोटा में कोचिंग कर रहा करौली जिले के सपोटरा निवासी अंशुल (18) को डेंगू पॉजीटिव ( Dengue positive ) पाया गया, लेकिन चिकित्सा विभाग ने उसे कोटा का नहीं मानते हुए रिपोर्ट में उसे बाहर के जिले का दर्शा दिया। मुकेश चंद ने बताया कि उनका बेटा अंशुल दो माह से कोटा में आईआईटी कोचिंग कर रहा है। वह ट्रांसपोर्ट नगर स्थित जय अम्बे रेजीडेंसी हॉस्टल में रह रहा है। वह गांव में अभी तक नहीं आया। उसे सोमवार को जांच में डेंगू पॉजीटिव पाया गया।
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चिकित्सा विभाग की दिखी लापरवाह
इस मामले में चिकित्सा विभाग की साफ लापरवाही दिखी। विभाग को बच्चे को चिन्हित कर सही रिपोर्ट देनी चाहिए, लेकिन वे गलत रिपोर्ट दे रहे है, ताकि विभाग को एंटी लार्वा एक्टिविटी नहीं करना पड़े। जब इस मामले में सीएमएचओ डॉ. बीएस तंवर से बात करनी चाही तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
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बुजुर्ग को स्वाइन फ्लू
चिकित्सा विभाग के अनुसार, कोटड़ी सब्जीमंडी के पीछे रहने वाले हरिराज सिंह (72) को स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मिला। ( Swine Flu Positive )
इधर, सांगोद में भी डेंगू की दस्तक
सांगोद. बीते एक पखवाड़े पूर्व हुई बारिश के बाद खाली भूखंडों में जमा गंदे पानी में पनप रहे मच्छर गंभीर बीमारियों का कारण बनने लगे हैं। यहां गुजराती मोहल्ला निवासी एक युवक के कोटा में डेंगू पॉजिटिव पुष्टि होने के बाद सोमवार को हरकत में आए चिकित्सा विभाग ने आनन फानन में टीम भेजकर क्षेत्र का सर्वे करवाया। अन्य लोगों के भी ब्लड की जांच करवाई। विभागीय कार्मिकों ने घरों के आसपास जमा गंदे पानी के स्त्रोतों की भी जांच की। लोगों को मच्छरों पर नियंत्रण को लेकर जागरूक किया। कार्मिकों ने घर-घर जाकर ब्लड सैंपल लिए।
यहां आठ जुलाई के पहले हुई बारिश के दौरान यहां कई खाली भूखंडों में बरसाती पानी जमा हो गया। निकासी नहीं होने से पानी सड़ांध मार रहा है। मच्छर पनप रहे हैं। गुजराती मोहल्ला निवासी रामावतार सोनी को एक सप्ताह पूर्व साधारण बुखार हुआ था। सांगोद में भी इलाज करवाया लेकिन फायदा नहीं हुआ तो उन्होंने कोटा में निजी अस्पताल में जांच करवाई। वहां उन्हें डेंगू रोग की पुष्टि होने पर उन्हें भर्ती किया गया। सोमवार को कार्मिकों ने गुजराती मोहल्ले में 19 घरों का सर्वे किया और 13 जनों की ब्लड स्लाइडें ली।
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मच्छर मार रहे डंक
यहां गत दिनों हुई बारिश के बाद अधिकांश मोहल्लों में मच्छरों से लोग खासे परेशान हैं। खासकर सूर्यास्त के बाद घरों में मच्छर इतने ज्यादा रहते हैं कि लोग दो पल सुकून से नहीं बैठ पाते। रात में भी लोगों को न चाहते हुए भी मच्छरों से बचने के लिए हल्के कपड़े शरीर पर डालने पड़ रहे हैं। यहां कस्बे के अधिकांश नाले मलबे से जाम हैं तो भूखंडों पर जमा पानी में मच्छर पनप रहे हैं। लेकिन नगर पालिका एवं चिकित्सा विभाग दोनों ही गंभीर नहीं दिख रहे।
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गुजराती मोहल्ले में एक जने के डेंगू की पुष्टि होने के बाद विभाग ने मोहल्ले में घर-घर जाकर लोगों की जांच की है और ब्लड स्लाइडें ली हैं। लोगों को मच्छर जनित बीमारियों से सावचेत रहना जरूरी है।
डॉ. पुरूषोत्तम मीणा, चिकित्सालय प्रभारी