
रावतभाटा. गांधीसागर बांध ( Gandhi Sagar Dam ) सहयोगी नदियों से पानी की आवक होने के कारण गुरुवार को बांध का एक स्लूज गेट खोल कर पानी छोड़ा गया। राणाप्रताप सागर बांध ( Rana Pratap Sagar Dam ) में पानी आने से बांध का एक क्रेश गेट खोल कर निकासी की गई। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार मानसून खत्म हो गया है, लेकिन गांधीसागर बांध के वृहद केचमेंट में मिलने वाली सहयोगी नदियों से अभी पानी की आवक बनी हुई है। इसके चलते गुरुवार दोपहर को गांधीसागर बांध का जलस्तर 1312 फीट पर पहुंच गया और बांध का एक स्लूज गेट खोल कर पानी की निकासी की गई।
गांधीसागर से छोडे गए पानी की वजह से राणा प्रताप सागर बांध में 22 हजार 427 क्यूसेक पानी की आवक हुई। इससे बांध का क्रेश गेट नम्बर नौ खोल कर 34 हजार 28 5 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। जवाहर सागर ( Jawahar Sagar ) व कोटा बैराज ( Kota Barrage ) से भी गेट खोलकर 24 हजार 528 क्यूसेक पानी निकाला गया।
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डाउनस्टीम में मछली पकड़ रहे लोग पानी से घिरे
गुरुवार देर रात राणा प्रताप सागर बांध का अचानक एक गेट खोलने से डाऊनस्टीम में मछली पकड़ रहे एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान खतरे में पड़ गई। ये लोग इधर-उधर दौडऩे लगे। कुछ लोगों ने पावर हाउस की दीवार पर चढ़ कर जान बचाई। सूचना पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने गेट बंद किया।
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जान बचाने को भागते रहे लोग
जानकारी के अनुसार गुरुवार दोपहर राणा प्रताप सागर बांध का एक गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही थी। शाम करीब छह बजे बांध का गेट बंद कर दिया। इसके बाद करीब एक दर्जन से ज्यादा लोग मछली पकडऩे बांध के डाउनस्टीम में चले गए। रात करीब 10 बजे अचानक पानी की आवक होने पर सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने एक सायरन बजाकर एक गेट खोल दिया। इससे मछली पकड़ रहे लोग जान बचाकर भागने लगे। ये चट्टानों के बीच फंस गए। इस दौरान किसी ने फोन पर सिंचाई विभाग के कर्मचारियों को सूचना दी। तब गेट बंद किया गया। गेज रूम पर मौजूद सिंचाई विभाग के अधिकारी का कहना था कि बांध में यकायक पानी की आवक होने से बांध का एक गेट दो फ ीट खोलकर 10 मिनट पानी की निकासी की गई थी।