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जागो जनमत यात्रा 2018: तरुणाई को बनना होगा लोकतंत्र का ब्रांड एंबेसडर…राजस्थान पत्रिका ने छात्रों को बनाया मतदाता
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जागो जनमत यात्रा 2018: तरुणाई को बनना होगा लोकतंत्र का ब्रांड एंबेसडर…राजस्थान पत्रिका ने छात्रों को बनाया मतदाता

आरटीयू कुलपति ने नव मतदाताओं को दिलाया मतदान का संकल्प
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कोटा

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Suraksha Rajora

Nov 15, 2018

कोटा. जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है… यह महज एक नारा नहीं लोकतंत्र की सबसे बड़ी हकीकत है। जनतंत्र जब-जब कमजोर हुआ, तरुणाई ने उसे अपने खून से सींचकर नई ऊर्जा और ताकत दी। दुनिया में जिस रफ्तार से मुल्क की अहमियत बढ़ती जा रही है, उसी तेजी से तरुणाई के कंधों पर सरकारों को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी भी बढ़ रही है, लेकिन यह तब तक संभव नहीं हो सकता, जब तक लोकतंत्र के महापर्व ‘मतदानÓ में युवा मतदाता बढ़ चढ़कर हिस्सा नहीं लेते।

 

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युवाओं को खुद तो मतदान करना ही होगा, साथ ही लोकतंत्र का ब्रांड अंबेसडर बनकर अपने परिजनों, साथियों और रिश्तेदारों को ही नहीं, बल्कि गली और मोहल्ले के लोगों को भी सौ फीसदी मतदान के लिए प्रेरित करना होगा। राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनपी कौशिक ने राजस्थान पत्रिका के विशेष अभियान ‘मेरा वोट मेरा संकल्पÓ के तहत एलबीएस इंस्टीट्यूट परिसर में आयोजित वर्कशॉप और संकल्पोत्सव को संबोधित करते हुए यह बात कही।

 

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इस दौरान मौजूद 400 से ज्यादा छात्र और छात्राओं को प्रेरित करते हुए प्रो. कौशिक ने कहा कि मतदान के दिन कॉलेज और दफ्तरों की छुट्टी इसलिए घोषित नहीं की जाती कि आप पिकनिक मनाएं। जो लोग इस दिन सोते रह जाते हैं, उन्हें पूरे पांच साल रतजगा करके गुजारने पड़ते हैं। एक क्षण का आलस महज परिवार के मुखिया को ही नहीं, बल्कि उसकी आने वाली पीढिय़ों को कई दशक पीछे धकेल देती है। साथ ही, वह अधिकार खो देते हैं अपने चुने हुए जन प्रतिनिधियों से सवाल जवाब करने का और उनके द्वारा बनाई गई सरकारों से फैसलों को कटघरे में खड़े करने का।


सही पढ़ें, सही चुनें


प्रो. कौशिक ने मतदाताओं को जागरूक बनाने के लिए शुरू किए गए इस अभियान को बेहद प्रेरक बताते हुए कहा कि राजस्थान पत्रिका महज खबरों तक ही सीमित नहीं रहा है। इस मीडिया समूह ने लोगों को उनके अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाने के लिए जो मुहिम छेड़ी वह काबिले तारीफ है। निश्चित रूप से जो छात्र यहां मौजूद हैं, वह लोकतंत्र के ब्रांड अंबेसडर बनकर मतदाताओं को जागरूक बनाने की मुहिम को आगे बढ़ाएंगे।

 

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उन्होंने फेसबुक के साथ फेक न्यूज के चक्रव्यूह को तोडऩे के लिए शुरू किए गए राजस्थान पत्रिका के विशेष अभियान शुद्ध के युद्ध के बारे में छात्रों और शिक्षकों को बताते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर हर पल तैर रही अफवाहों और रायों के बीच सच का पता लगाने के लिए इस तरह के अभियान मील का पत्थर साबित होंगे।

 

अब नहीं जाएगी किसी की जान

 


एलबीएस के मीडिया एचओडी किशन रतनानी ने कहा कि फेक न्यूज की पहचान करने और सोशल मीडिया पर उसके प्रवाह को खत्म करने के लिए शुद्ध का युद्ध वर्कशॉप बेहद कारगर साबित होगी। जिंदगी का कोई क्षण ऐसा नहीं जिसमें सोशल मडिया का दखल न हो, लेकिन पहली बार उसे नियंत्रित करने का तरीका छात्रों ने राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित कार्यशाला में सीखा। निश्चित तौर पर वर्कशॉप में मौजूद कोई भी छात्र या शिक्षक किसी भी वायरल मैसेज के कंटेट को जांचे बिना अब उसे आगे नहीं बढ़ाएगा।

 

फिर जागेगी अलख


एलबीएस एजुकेशन गु्रप के डायरेक्टर कुलदीप माथुर ने कहा कि युवाओं की अक्सर शिकायत रहती है कि उनके जनप्रतिनिधि और सरकारें जनआकांक्षाओं पर खरे नहीं उतरते, लेकिन इस अराजकता के लिए यदि कोई जिम्मेदार है तो वह खुद हैं, क्योंकि जब तक वह वोट नहीं डालेंगें तब तक उनकी उम्मीदों को पूरा करने वाली सरकारों का चुनाव नहीं हो सकेगा। इसलिए युवाओं को रोजगार, सुरक्षा और शिक्षा जैसे मुद्दों को सुलझाने के साथ-साथ सशक्त समाज और देश का निर्माण करने के लिए खुद तो मतदान करना ही है, साथ ही घर के बाकी सदस्यों को वोट का चैलेंज देकर उन्हें भी मतदान के लिए प्रेरित करना होगा।


साढ़े 3 घंटे चला आयोजन


पत्रिका की ओर से महज दो घंटे की वर्कशॉप और संकल्पोत्सव का आयोजन किया गया था, लेकिन विषय की गंभीरता के चलते छात्र साढ़े तीन घंटे से ज्यादा समय तक अधिक से अधिक जानकारियां जुटाने में लगे रहे। जब छात्र फेक न्यूज से जुड़ी हर बारीकी को समझ गए तब जाकर कार्यक्रम का समापन हुआ।