
कोटा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ( UDH Minister Shanti Dhariwal ) ने हैलीकॉप्टर से हाड़ौती में बाढ़ से मची तबाही का मंजर देखा। ( Aerial survey ) उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हवाई दौरे के दौरान धारीवाल ने चंबल की जद में आए घरों की हालत देखी। कई बस्तियां जलमग्न थी। वहीं, चंबल ( Chambal River ) और कालीसिंध नदी ( kali sindh river ) के पास बसे गांव टापू बने हुए थे। जिले के सुल्तानपुर व इटावा क्षेत्र में डूबे दर्जनों गांव के हालातों को देख लोगों की तकलीफें महसूस की। दोपहर एक बजे करीब सीएम गहलोत, मंत्री धारीवाल व मास्टर भंवरलाल ने कोटा सर्किट हाउस में पत्रकारों से रुबरु होकर बाढ़ हालातों की समीक्षा की।
स्वायत्त शासन मंत्री धारीवाल ( UDH Minister Shanti Dhariwal ) ने बताया कि कोटा में चंबल रिवरफ्रंट को इस तरह डिजाइन किया जाएगा कि नदी का पानी शहर में कभी नहीं आ सकेगा। वहीं, चम्बल व कालीसिंध नदी किनारे व बहाव क्षेत्रों में हो रहे अतिक्रमणों को ध्वस्त किए जाएंगे। नहरें, नालों से अवैध कब्जे हटाए जाएंगे।
सीएम ने की रिवर फ्रंट की तारीफ
मुख्यमंत्री गहलोत ने चम्बल रिवर फ्रंट परियोजना ( Chambal River Front Project ) की तारीफ करते हुए पत्रकारों से कहा कि चंबल रिवरफ्रंट बनने से बाढ़ के हालात नहीं बनेंगे। इस परियोजना से जनता को काफी लाभ मिलेगा। उन्होंने मीडिया से रिवरफ्रंट के फायदे जनता को बताने का आह्वान किया।