
कोटा . नगर निगम बोर्ड के दो दिवसीय विशेष सत्र के आयोजन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है। पार्षदों के दबाव के बावजूद अभी तक विशेष सत्र की तिथि घोषित नहीं की गई है। विशेष सत्र का उद्देश्य जनता की समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाना था।
Read more : अब बिजली की शिकायत करना हुआ आसान, केईडीएल का नया कॉल सेन्टर शुरू…
16 जनवरी को निगम की बजट बैठक हुई थी। इसी दिन पुलवामा में शहीद हुए हेमराज की पार्थिव देह कोटा आई थी। इस कारण पार्षदों ने बिना किसी चर्चा के बजट को अनुमोदित कर दिया था। शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित कर बैठक स्थगित कर दी गई थी। इस दौरान पार्षदों ने बैठक में दो दिवसीय सत्र की तिथि घोषित करने की मांग उठाई थी।
Read more : अब इस गांव में दशहत, बाड़े में बंधे पाड़े का किया शिकार, ग्रामीण बोले आ गया पैंथर…!….
पार्षदों के दबाव में महापौर ने घोषणा की थी कि चर्चा कर एक-दो दिन में आगामी बोर्ड बैठक की तिथि घोषित कर दी जाएगी। एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी तिथि तय नहीं हुई है। पार्षदों का कहना है कि लोकसभा चुनाव की आचार संंहिता से पहले बोर्ड बैठक बुलाई जाए। सभी पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड व शहर की समस्याओं से संबंधित सवाल लगा रखे हैं। चार साल बाद पहली बार बोर्ड बैठक में प्रश्नकाल रखा था।