
मथुरा। पुलिस की लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। मुठभेड़ के दौरान चली पुलिस की गोली से एक पांच साल के बच्चे की मौत हो गई। बच्चे को गोली लगते ही पुलिसकर्मी और बदमाश दोनों ही वहां से भाग खड़े हुये। पुलिस की इस हरकत से लोगों में पुलिस के खिलाफ आक्रोश है।
ये है मामला
मथुरा के थाना हाईवे पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली की गांव नवादा के पास गांव मोहनपुर के खेतों में कुछ बदमाश छुपे हैं। जिनको पकड़ने के लिये जब थाना हाईवे की पुलिस ने खेतों को घेरकर दबिश दी तो वहां मौजूद बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया। जिस पर जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भी बदमाशों पर गोली चला दी। बदमाश भागने लगे। पुलिस ने पीछा किया तो बदमाश भागते हुये गांव अडुकि के खेतों में पहुंच गये और फिर बदमाश और पुलिस के बीच आधे घंटे तक मुठभेड़ चलती रही। जिसमें पुलिस की गोली किसी बदमाश को तो नहीं लगी लेकिन गांव के रहने वाले शिवशंकर के पोते माधव,जोकि खेतों में खेल रहा था उस बच्चे के सिर में जा लगी। जिससे बच्चा वहीं गिर गया। जैसे ही पुलिस और स्थानीय लोगों और परिजनों को बच्चे को गोली लगने की जानकारी हुयी तो उन्होंने तुरंत हीआठ साल के माधव को उठाया और बमुश्किल पुलिस की गाड़ी में डालकर अस्पताल भेज दिया, जहां उसकी उपचार के दौरान माधव की मौत हो गयी। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
मेरे बच्चे को गोली मार दी
मृतक के दादा शिव शंकर का कहना है कि तीन पुलिस वाले आये थे, जिनसे मैंने पूछा भी आप क्यों आए हो लेकिन उन्होंने कुछ भी नहीं बताया। इसके बाद दो गाड़ियां पुलिस की और आ गयीं। पुलिस वालों ने आते ही गोली चला दी, जो मेरे बच्चे को लगी।बच्चे को आगे पटक कर भाग गए, अस्पताल तक भी नहीं लेके गए।