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दूसरों का स्वास्थ्य ठीक करने का विभाग संभाल रही अनुप्रिया पटेल के संसदीय क्षेत्र में क्रेशर प्लांट बिगाड़ रहा लोगों की सेहत
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दूसरों का स्वास्थ्य ठीक करने का विभाग संभाल रही अनुप्रिया पटेल के संसदीय क्षेत्र में क्रेशर प्लांट बिगाड़ रहा लोगों की सेहत

NGT के आदेश की भी परवाह नहीं, हवा में घुल रहे जानलेवा कण की केन्द्र व यूपी सरकार को परवाह नहीं
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मिर्जापुर

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Devesh Singh

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Updated: 23 May 2018, 6:00 PM IST

रिपोर्ट:-सुरेश सिंह
मिर्जापुर. केन्द्रीय राज्य मंत्री स्वास्थ्य और परिवार कल्याण अनुप्रिया पटेल को देश के लोगों के स्वास्थ्य ठीक करने की जिम्मेदारी है लेकिन जब बात उनके संसदीय क्षेत्र मिर्जापुर की आती है तो केन्द्र व यूपी दोनों ही सरकार की पोल खुल जाती है। मिर्जापुर में एनजीटी का आदेश तक पर रख कर चलाये जा रहे क्रेशर प्लांट ने स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य को बर्बाद कर दिया। क्रेशर प्लांट के चलते वायु व ध्वनि प्रदूषण हो रहा है लेकिन किसी का ध्यान इस पर नहीं है। आश्चर्य की बात है कि खनन का क्षेत्र होने के बाद भी यहां पर प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड तक नहीं है इससे समझा जा सकता है कि मनमानी कमाई के लिए लोगों के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है।
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जिले में इस समय 111 स्टोन क्रेशर, 234 पत्थर खनन के पट्टे व 23 बालू खनन के पट्टे दिये गये हैं। अधिकतर काम मडि़हान व चुनार तहसील में होता है। पट्टा मिलने के बाद क्रेशर चलाने वाले मनमानी पर उतर आये हैं। प्रदूषण रोकने के लिए गंभीर एनजीटी जैसी संस्था तक के नियमों को ताक पर रख दिया गया है। मनमाने ढंग से क्रेशर प्लांट चलाये जा रहे हैं। अहरौरा, मडि़हान व लालगंज के क्रेशर प्लांट की बात की जाये तो यहां पर रहने वाले स्थानीय लोगों का प्रदूषण के चलते जीना मुहाल हो गया हैं। क्रेशर प्लांट से निकले हुए कण लोगों के फेफड़ों को खोखला कर रहे हैं जबकि तेज आवाज से उनका रहना भी मुश्किल हो गया है। खास बात है कि जब उपर से ही इन क्रेशर प्लांटों को मनमानी करने की छूट दी गयी है तो स्थानीय लोगों की शिकायत का कितना असर होगा। जिला के खनन अधिकारी आरबी सिंह को खुद ही नहीं पता है कि जिले में कितने क्रेशर प्लांट को पट्टे दिये गये हैं ऐसे में एनजीटी के आदेशों का पालन करना कभी संभव नहीं हो सकता है।
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इन मानकों को नहीं दिया जा रहा ध्यान
एनजीटी ने क्रेशर प्लांट चलाने के लिए कुछ मानक निर्धारण किये हैं। स्टोन क्रेशर प्लांट के चारों तरफ दीवार ऊंची दीवार होनी चाहिए। जिस स्थान पर स्टोन क्रेशर प्लांट लगा हुआ है वहां पर सघन वृक्षारोपण करके ही प्लांट को चलाना चाहिए। पानी का लगातार छिड़काव करने से धूल उडऩे की संभावना बेहद कम होती है। इन मानकों को पूरा करने के लिए स्टोन क्रेशर प्लांट संचालकों को जेब ढीली करनी पड़ेगी। इसके चलते मानक को ताक पर रख कर ही क्रेशर प्लांट चलाये जा रहे हैं। केन्द्र में पीएम नरेन्द्र मोदी व यूपी की सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार है इसके बाद भी स्वास्थ्य राज्यमंत्री के ही क्षेत्र में मानक की अनदेखी की जा रही है जो सारी व्यवस्था पर सवाल उठाने के लिए काफी है।
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