6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सवाई माधोपुर
खीरमोहन का ऐसा स्वाद केवल यहां ही मिलेगा, प्रदेशभर में है मशहूर
Play video

खीरमोहन का ऐसा स्वाद केवल यहां ही मिलेगा, प्रदेशभर में है मशहूर

प्रतिदिन होती है इतनी खपत  
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सवाई माधोपुर

•

image

Subhash Mishra

•

Updated: 29 May 2022, 8:29 PM IST

सवाईमाधोपुर. गंगापुरसिटी के स्वाद के नाम से मशहूर खीर मोहन जिले में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में प्रसिद्ध है। बात मिठास की हो तो हर जुबां पर खीरमोहन का ही नाम आता है। जिले के गंगापुरसिटी के खीरमोहन की मिठास दूर-दूर तक घुली है और इसके स्वाद के दीवाने जयपुर से दिल्ली तक हैं।


150 से 200 क्विंटल रोज की है खपत
गंगापुरसिटी में हलवाई की करीब 250 दुकानें हैं। मोटे अनुमान के मुताबिक सभी दुकानों पर 35 से 40 किलो खीरमोहन की बिक्री रोजाना होती है, लेकिन कुछ खास दुकानों पर यह आंकड़ा ज्यादा पहुंच जाता है। इसके अलावा जयपुर के मानसरोवर, प्रताप नगर, जगतपुरा आदि इलाकों में गंगापुर में तैयार खीरमोहन बिक्री के लिए भेजे जा रहे हैं। ऐसे में खीरमोहन की रोज की खपत 150 से 200 क्विंटल तक पहुंच जाती है।


गंगापुर का पानी बढ़ाता है स्वाद
वर्षों पहले खीरमोहन के स्वाद और इसकी प्रसिद्धि को देखते हुए जयपुर के एक प्रतिष्ठित मिष्ठान भंडार वालों ने इसे बनाने की कोशिश की लेकिन जो स्वादा गंगापुर के खीरमोहन में होता है वह वहां नहीं बन पाया। जानकारों का मानना है कि गंगापुर का पानी खीरमोहन के स्वाद को बढ़ाता है। ऐसा स्वाद कहीं दूसरी जगह नहीं सकता।


यूं बनता है खीरमोहन
खीरमोहन के लिए पहले दूध को टाटरी से फाड़कर इसका छैना बनाया जाता है। इस छैने में थोड़ी सूजी और शक्कर मिलाकर इसे झज्जर से छानते हैं। फिर इस मिश्रण की गोलियां बनाकर इसे उबलती चाशनी में पकाते हैं। लाल भूरा रंग होने तक इसे पकाया जाता है और अगले दिन तक के लिए चाशनी में डाल दिया जाता है। अब खीरमोहन खाने के लिए तैयार है। अच्छा खीरमोहन वह माना जाता है जो मुंह में जाते ही घुल जाए और इसमें भीतर थोड़ी चाशनी भी हो।


त्योहारों पर रहती है खूब भीड़
गंगापुरसिटी के खीर मोहन के लिए होली, दिवाली सहित अन्य त्योहारों पर भीड़ रहती है। गंगापुर की चुनिंदा दुकानों में बने इसकी जबरदस्त मांग है। त्योहार या विशेष अवसरों पर इसकी अच्छी खपत होती है। इसको लेने के लिए एडवांस बुकिंग करानी पड़ती है। गंगापुर के खीरमोहन का स्वाद इतना लाजवाब है कि राजनेताओं से लेकर अफसरों को भी खूब भाते है।


1950 में बनाई थी हाबूलाल ने खीरमोहन
जानकारों की माने तो गंगापुर सिटी में सबसे पहले खीरमोहन बनाने का श्रेय हाबूलाल हलवाई को जाता है। हाबू ने करीब 1950 में खीरमोहन बनाई थी। इस मिठाई को शुरू में तो ज्यादा तवज्जो नहीं मिली लेकिन जैसे-जैसे यह लोगों की जुबान पर चढ़ता गया इसकी प्रसिद्ध उतनी ही फैलती गई। कई सालों तक हाबू हलवाई ने इसकी मिठाई बेचा। इसकी बढ़ती प्रसिद्धि को देखते हुए धीरे-धीरे अन्य दुकानों पर भी खीरमोहन तैयार होने लगे। वहीं इसके लजीज स्वाद के कारण इसकी डिमांड भी बढ़ती गई। जब भी कोई परिचित या रिश्तेदार गंगापुर जाता है या गंगापुर से आता है तो उससे खीरमोहन विशेष रूप से लाने को कहा जाता है।

फैक्ट फाइल
-खीर मोहन का सालाना टर्न ओवर-करीब 5 करोड़।
– गंगापुरसिटी में खीरमोहन की दुकाने-250
-हलवाई जुड़े-1 हजार
15 हजार लोगों को मिल रहा रोजगार।
-प्रतिदिन की खपत-600 किलो


ये बोले खीरमोहन विक्रेता…

दूर-दूर तक फैला है स्वाद
गंगापुरसिटी के खरीरमोहन का स्वाद प्रदेश में ही नहीं बल्कि दिल्ली तक प्रसिद्ध है। विशेष त्योहारों पर एडवांस में बुकिंग लेते है। गर्मी के दिनों में प्रतिदिन 25 किलो की खपत होती है, जबकि सर्दी में 50 किलो की रोज खपत हो जाती है।
मोहनलाल शर्मा, खीरमोहन विक्रेता, गंगापुरसिटी

खीरमोहन से बनी है पहचान
गंगापुरसिटी की पहचान खीरमोहन से बनी है। यहां का खीरमोहन सवाईमाधोपुीर, जयपुर, दिल्ली सहित अन्य शहरों में पहुंच रहा है। प्रतिदिन 20 किलो खपत हो जाती है। त्योहारों पर विशेष भीड़ रहती है। दूर-दूर से लोग खीरमोहन खरीदने आते है।
भोमपाल राजपूत, खीरमोहन विक्रेता, गंगापुरसिटी

बड़ी खबरें

View All

सवाई माधोपुर

राजस्थान न्यूज़