
सवाईमाधोपुर. चौथकाबरवाड़ा से उज्जैन( के लिए जा रही दूल्हे समेत बारातियों की कार के अचानक से अनियंत्रित होकर चम्बल नदी में गिरने के बाद दर्दनाक हादसे से हर कोई गमगीन माहौल में नजर आया।
उधर, जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात दूल्हे की कार के रवाना होने से पूर्व दूल्हा, दूल्हे का भाई, बहनाई, चालक सहित अन्य बाराती कार में बैठ गए। इस दौरान दूल्हे के ताऊ विष्णु वाल्मीकि भी उनके साथ जाने को तैयार थे लेकिन कार में देखा तो उसमें जगह नहीं मिली। ऐसे में दूल्हे के ताऊ के बारात में नहीं जाने से जान बच गई।
सजधकर हो गए थे तैयार
दूल्हे का ताऊ विष्णु हरिजन भी रविवार सुबह बारात में जाने के लिए तैयार हो गया था लेकिन दूल्हे की कार में जगह नहीं थी। ऐसे में दूल्हे अविनाश हरिजन के पिता किशन गोपाल ने उनको बस में आने को कहा। इसके बाद वे बारात में नहीं पहुंच पाए। उन्हें अपने भतीजे की बारात में नहीं जाने का मलाल हा लेकिन होनी को कौन टाल सकता था। जैसे ही सुबह उन्हें दुर्घटना की सूचना मिली तो वह सन्न रह गए और गहरे सदमे में चले गए।
सुबह सवा आठ बजे मिली दूल्हे के पिता को हादसे की सूचना
बारात में फोटो ग्राफर नफ ीस का कहना है कि दूल्हे की कार बारात की बस से काफी पीछे थी। ऐसे में दूल्हे के पिता ने दूल्हे व उसके भाई व कार में सवार अन्य बारातियों को फ ोन कर दूल्हे की कार के बारे में पता लगान का प्रयास कियाए लेकिन किसी का भी फोन नहीं लगा । सुबह करीब सवा आठ बजे दूल्हे के चाचा ने चौथ का बरवाड़ा से दूल्हे की कार चंबल नदी में गिरने की सूचना दी। इसके बाद डकनिया स्टेशन तक पहुंची बारातियों की बस को वापस कोटा नयापुरा के पास चंबल नदी के यहां लाया गया। इस दौरान वहां पुलिस प्रशासन सहित अन्य रेस्क्यू टीम कार को बाहर निकालने की कोशिश कर रहे थे। इसक बाद बस में कोहराम मच गया।