
प्रमोद सोनी/उदयपुर . शहर को स्मार्ट सिटी का दर्जा तो मिला गया है मगर शहरवासियों मेंं अब तक स्वच्छता को लेकर अपेक्षित जागरूकता नहीं आई है। वे गली-मोहल्लों के साथ ही पर्यटन स्थलों पर इधर-उधर कचरा फैला देते हैं जबकि नगर निगम ने जगह-जगह कचरा पात्र लगाने के साथ ही स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत के स्लोगन लिखवाए हैं। शहर में इन दिनों दो पर्यटक, पर्यटन स्थलों पर इधर-उधर बिखरे कचरे को चुनकर लोगों को जागरूकता का संदेश दे रहे हैं। नेपाल का दूसरोन पांड़े एवं स्पेन की अरोरा ग्रेसिया शहर की गलियों व पर्यटक स्थलों पर बिखरी गुटकों की पन्नियां व पुड़कियां उठाकर एक बेग में एकत्र करते हैं और बाद में उन्हें डस्टबिन में डालते हैं। इन दोनों का कहना है कि हम अपने साथ घर से एक थैला लेकर निकलते हैं और जहां भी कचरा दिखताा हैं उसे उठाकर बैग में रख लेते हैं। बाद में जहां भी डस्टबिन दिखे उसमें डाल देते हैं।
रोज सडक़ों पर गंदगी देख कर परेशान होते थे इसलिए एक बैग लेकर निकल पड़े। वे जहां-जहां कचरा देखते हैं, उसे उठाकर बैग में डालते रहते हैं। उनको देखकर लोग भी अब उनकी इस सफाई मुहिम में जुडऩे लगे हैं।
अरोरा ग्रेसिया, स्पेन
मैं दुनिया को स्वच्छ देखना चाहता हूं। लोगों को भी यह समझना चाहिए कि हर कहीं पर कचरा नहीं फेंकें। कचरा डिब्बे में ही डालना चाहिए। शहर को स्वच्छ रखेंगे तो हम भी स्वस्थ रहेंगे।
दूसरोन पांड़े, नेपाल