
वाराणसी. बढ़ाव के बाद गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है। गंगा अभी खतरे के निशान से लगभग पांच मीटर नीचे बह रही है। संभावना जतायी जा रही है कि पानी कुछ घट सकता है उसके बाद फिर से गंगा बढ़ाव की तरफ जा सकती है। केन्द्रीय जल आयोग से मिली जानकारी के अनुसार गंगा का जलस्तर 66.78 मीटर पर है जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर है।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते ही गंगा का जलस्तर बढ़ाव पर था। गुरुवार को सुबह कुछ देर तक बढ़ाव की स्थिति थी इसके बाद गंगा का जलस्तर स्थिर हो गया है। गंगा में पहले ही इतना पानी आ चुका है कि घाटों का आपस में सम्पर्क टूट चुका है। घाट की सीढ़ी पानी में समा चुकी है जिसके चलते घाट के छत पर गंगा आरती करनी पड़ रही है। पूर्वांचल में अभी तक सामान्य से कम ही बारिश हुई है इसलिए गंगा का जलस्तर में बहुत अधिक बढ़ाव नहीं हुआ है। उत्तराखंड में हो रही झमाझम बारिश के चलते ही गंगा के जलस्तर में वृद्धि हुई थी। कई जगहों पर गंगा में पानी घटाव पर है इससे संभावना जतायी जा रही है कि पानी में कुछ घटाव हो सकता है इसके बाद परिस्थितिया बदली तो फिर से गंगा का जलस्तर बढ़ सकता है।
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सतर्क है NDRF, नाव के संचालन पर लगी है रोक
गंगा के बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम पहले ही सतर्क है। नाव के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गयी है। जल पुलिस भी गश्त करके यह सुनिश्चित कर रही है कि नाव का संचालन न होने पाये। नाविकों को अब गंगा में पानी घटने का इंतजार है जिसके बाद फिर से नाव का संचालन हो सके। गंगा मे बढ़ाव के चलते वरुणा नदी का भी जलस्तर बढ़ चुका है। गर्मी के समय नाले में तब्दील हो जाने वाली वरुणा में इस समय भरपूर पानी है। चौकाघाट के पास निर्माणाधीन वरुणा कॉरीडोर का एक छोटा हिस्सा भी पानी में समा चुका है।
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