
वाराणसी. गंगा का जलस्तर में तेजी से वृद्धि जारी है। घाटों को आपस में सम्पर्क पहले ही टूट चुका है। बढ़े हुए जलस्तर को देखते हुए नाव संचालन पर रोक लगा दी गयी है। गंगा आरती की जगह भी बदलनी पड़ी है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अभी गंगा का जलस्तर में और वृद्धि होगी।
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पूर्व वर्षों की तरह सावन में गंगा के जलस्तर में उतनी वृद्धि नहीं हुई थी। एक बार तेजी से पानी बढ़ा था उसके बाद पानी बढऩा रुक गया था। बीच-बीच में जलस्तर में वृद्धि हो रही थी लेकिन गंगा में अधिक पानी नहीं आया था। पिछले तीन दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। घाट का आपस में सम्पर्क टूट चुका है। गंगा आरती की भी जगह बदल गयी है। गंगा का जलस्तर बढऩे से सबसे अधिक समस्या नाविकों को हो रही है। जल पुलिस ने नाव संचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। नाविकों के साथ रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
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मल्लाह भी नहीं समझ पा रहे गंगा का मिजाज
मल्लाह भी गंगा का मिजाज नहीं समझ पा रहे हैं। गंगा के जलस्तर को लेकर मल्लाह भी असंमजस में हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा है कि इस बार कितनी बाढ़ आयेगी। कुछ मल्लाहों का कहना है कि सावन में गंगा का पानी अधिक नहीं बढ़ा है इसलिए बाढ़ का खतरा नहीं है जबकि कुछ मल्लाहों ने कहा कि एक बार ही सही पानी काफी उपर तक जायेगा। इसके बाद ही जलस्तर में कमी होगी। गंगा में बढ़ाव का असर वरुणा नदी पर भी पड़ा है और वरुणा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। गंगा व वरुणा किनारे रहने वालों को बाढ़ का डर सता रहा है। एनडीआरएफ ने गंगा के जलस्तर को देखते हुए सारी तैयारी कर ली है।
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