
वाराणसी. मोक्षदायिनी गंगा वार्निंग लेबल के पास पहुंच कर स्थिर हो गयी है। गंगा में जलस्तर बढऩे का असर वरुणा नदी पर भी हुआ है। वरुणा भी उफान पर आ गयी है। वरुणा कॉरीडोर पहले ही डूब चुका है। बुधवार को केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा 69.1 मीटर पर पहुंच गयी है जबकि वार्निंग लेबल 70.262 मीटर है और खतरे का निशान 71.062 पर है। जल आयोग के अनुसार शाम चार बजे से गंगा का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। इलाहाबाद में गंगा घटाव पर जा रही है जिसका असर भी बनारस पर पड़ेगा।
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पहाड़ों पर लगतार हो रही बारिश के चलते ही गंगा का जलस्तर में बढ़ाव हो रहा था। घाट का आपस में पहले ही सम्पर्क टूट गया है। मणिकर्णिका घाट के छत पर शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। गंगा के चलते वरुणा नदी भी उफान पर आ गयी है। गंगा व वरुणा किनारे रहने वालों के घरों तक पानी पहुंच चुका है। यहां पर रहने वालों ने पलायन शुरू कर दिया है। संभावित बाढ़ को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम पहले ही अलर्ट पर है।
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डीएम सुरेन्द्र सिंह ने स्थापित की बाढ़ राहत चौकी
जिलाधिकारी सुरेन्द्र सिंह ने कहा कि अभी गंगा खतरे के निशान से लगभग दो मीटर नीचे बह रही है फिर भी हम लोग एहतियात के तौर पर सभी कदम उठा रहे हैं। कंट्रोल रुम आरंभ कर दिया गया है। अधिकारियों ने बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया है। बाढ़ चौकी स्थापित हो गयी है। इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों के साथ बैठक भी की गयी है। बाढ़ राहत कार्य योजना के तहत सभी को निर्देश जारी किये गये हैं। अधिकारियों को लाइफ जैकेट दे दी गयी है। किराये पर नाव की व्यवस्था की गयी है। बाढ़ प्रभावित ग्राम प्रधान से वार्ता कर सभी चीजों की तैयारी की गयी है। बनारस में एनडीआरएफ का बेस है और पहले से ही एनडीआरएफ को अलर्ट पर रखा गया है।
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