
वाराणसी. लगातार दूसरे दिर गंगा के जलस्तर में घटाव जारी है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 68.58 मीटर दर्ज किया गया है जो वार्निंग लेबल से लगभग दो मीटर नीचे हैं। गंगा प्रति एक सेंटीमीटर की दर से घट रही है।
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गंगा का जलस्तर में घटाव होने से लोगों को थोड़ी राहत मिली है। गंगा के घटने की रफ्तार बेहद धीमी है इसलिए तटवर्ती जगहों पर रहने वालों को अभी घटाव का फायदा नहीं मिला है। नाविकों को भी घटाव का इंतजार है पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से नाव के संचालन पर रोक लगी है जिसके चलते मल्लाहों के सामने आर्थि संकट खड़ा हो गया है। देश में १० सितम्बर के बाद मानसून वापस जाने लगता है इसलिए संभवना जतायी जा रही है कि अब गंगा के जलस्तर में अधिक वृद्धि नहीं होगी। वरुणा नदी भी इस समय उफान पर है। वरुणा के जलस्तर में कमी नहीं दिख रही है। गंगा के पलटप्रवाह से ही वरुणा का जलस्तर बढ़ता है। गंगा में घटाव शुरू होने से वरुणा का पानी भी कम होगा।
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भूजल रिचार्ज के लिए बहुत जरूरी है गंगा का जलस्तर बढऩा
गंगा का जलस्तर बढऩे से तटवर्ती लोगों को पलायन करना पड़ता है उनके घरों में पानी चला जाता है जिसके चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। गंगा का जलस्तर बढऩे से सबसे अधिक फायदा किसानों को होता है। बढ़े हुए जलस्तर के कारण भूजल रिचार्ज भी होता है जिसका साल भर फायदा मिलता है।
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