
वाराणसी. काशी विश्वनाथ मंदिर के 240 साल के इतिहास में पहली बार ऐसी पूजा की गयी है। इसके लिए दक्षिण भारत से 200 वैदिक ब्राह्मणों को बुलाया गया है। दो जुलाई से शुरू हुआ आयोजन गुरुवार को समाप्त हो गया है। दक्षिण भारत के ही जजमान ने करोड़ खर्च करके यह विशेष तरह की पूजा करायी है। दक्षिण भारत में ेऐसी पूजा होती रही है लेकिन बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में पहले ऐसी पूजा नहीं करायी गयी है।
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काशी विश्वनाथ मंदिर में कुंभाभिषेक कराया गया है। दो जुलाई को गणेश पूजन के साथ आरंभ हुआ कुंभाभिषेक स्वर्ण कुंभ के जलाभिषेक के साथ सम्पन्न हुआ है। दक्षिण भारत में कुंभाभिषेक का बहुत महत्व होता है। वहां के मंदिरों के शिखर पर प्रभु के विग्रहों को स्थापित किया जाता है और 12 साल में उसका कुंभाभिषेक किया जाता है। काशी विश्वनाथ में अभी तक कुंभाभिषेक होने की जानकारी नहीं मिली है। तमिलनाडु के वलयपट्टी निवासी सुबु सुदरम व उनकी पत्नी अन्नपूर्णा देवी के यजमानत्व में ही सारा आयोजन किया गया है। समारोह के अंतिम दिन यज्ञ मंडप में महागणपति की अराधना की गयी। इसके बाद चारों वेदों के पारायण के बाद 101 कलश में भरे गंगाजल से काशी विश्वनाथ मंदिर के स्वर्ण कुंभ का अभिषेक किया गया है। इसके बाद काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक व पूजन किया गया है। साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थित अन्य सभी देवी-देवताओं की विधान के साथ पूजा की गयी। कार्यक्रम के अंत में यज्ञ स्थल पर पूर्णाहुति के साथ कुंभाभिषेक अनुष्ठान को सम्पन कराया गया।
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जानिए क्यों कराया जाता है कुंभाभिषेक
दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों में नियमित तौर पर कुंभाभिषेक किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुंभाभिषेक करने से मंदिरा की सकारात्मक ऊर्जा व पवित्रता बनी रहती है। कुंभाभिषेक करने के बाद मंदिर के कण-कण में नयी ऊर्जा आ जाती है। पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार ने काशी विश्वनाथ कॉरीडोर का काम शुरू किया था जिसके चलते पक्ष व विपक्ष में कई तर्क दिये जा रहे हैं कुछ लोगों का मानना है कि सरकार की नयी योजना से कई मंदिर को नुकसान पहुंचेगा। जबकि कुछ लोग मंदिर विस्तारीकरण को जरूरी मान रहे हैं। इन सब के बीच कुंभाभिषेक होने से विश्व का कल्याण होगा। काशी में स्वंय ही महाकाल शिव विराजमान है। काशी की मुख्य पहचान महादेव व मां गंगा से ही है। ऐसे में पहली बार हुआ कुंभाभिषेक इतिहास में शामिल हो गया है।
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