
वाराणसी. नगर निगम चुनाव की तैयारियों में कितनी गंभीरता बरती गयी है इसका नजारा द्वितीय चरण के मतदान के दौरान देखने को मिला। हजारों लोगों के नाम मतदाता सूची से कट गये थे और मृतकों को सूची में फिर से जिंदा कर दिया गया था। आम आदमी की बात छोड़ दे तो बीजेपी के एक मंत्री का नाम वोटर सूची में जुड़ जाता तो वह दो जगहों से मतदाता हो जाते। इस संदर्भ में खुद मंत्री ने कहा कि उनका नाम दो जगहों पर रहा होगा। यह मसला चुनाव आयोग का है।
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नगर निगम चुनाव से पहले बीजेपी केविधि, न्याय, सूचना, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री डा.नीलकंठ तिवारी का नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाया था इसके लेकर मंत्री जी ने जिलाधिकारी से शिकायत दर्ज करायी थी। मामला आम जनता को होता तो सरकारी मशीनरी को दिक्कत नहीं होती। बीजेपी मंत्री के चलते जिलाधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बीएलओ एवं अन्य कर्मचारी को निलंबित कर दिया। इसके बाद से माना जा रहा था कि राज्यमंत्री वोट नहीं डाल पायेंगे। इसके बाद २५ नवम्बर को जिला प्रशासन ने लिखित तौर पर सूचना दी थी कि मंत्री डा.नीलकंठ तिवारी वोट डालने जायेंगे। इसके बाद जब मंत्री जी मतदान करके निकल रहे थे तो मीडिया ने उनसे सवाल पूछ ही लिया।
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खुद मंत्री ने कहा कि दो जगहों पर होगा नाम
डा.नीलकंठ तिवारी ने चौखंबा स्थित अग्रसेन महाजनी कालेज में जाकर वोट डाल था। जब मीडिया ने पूछा कि आपका नाम दो जगहों पर था तो पहले उन्होंने इंकार किया। इसके बाद कहा कि हो सकता है दो जगहों पर नाम हो। यह चुनाव आयोग का मामला है। मंत्री ने सभी लोगों से मतदान करने की अपील की है साथ ही कहा कि वह पुराने मकान के अनुसार मतदान करने आये हैं।
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पुरानी सूची से नाम नहीं कटा और नये में जुड़ गया
डा.नीलकंठ तिवारी का मामला होने के चलते मीडिया ने खास ध्यान दिया है। बीजेपी के मंत्री का नाम मतदाता सूची में जुड़ जाता तो वह दो जगहों से वोटर हो जाते। इससे साबित होता है कि पुरानी सूची में उनका नाम नहीं कटा था। वोटर लिस्ट की यह गड़बड़ी बहुत जगहों पर देखने को मिली है एक ही परिवार का दो-दो सूची में नाम दर्ज था ऐसा होने से वोटरों की सही संख्या का पता नहीं चल पायेगा। साथ ही मतदान का सही प्रतिशत भी सबके सामने नहीं आ पायेगा।
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