
वाराणसी. समाज में पुलिस की छवि इतनी खराब हो चुकी है कि अच्छा काम करने के बाद भी लोग पुलिस पर भरोसा नहीं कर पाते हैं। मां भी बच्चों से कहती है कि जल्दी सो जाओ नहीं तो पुलिस पकड़ लेगी। बच्चों में शुरू से ही पुलिस की छवि खराब बनने लगती है और जब वह बड़े हो जाते हैं तो पुलिस को लेकर निगेटिव इमेज रहती है। बनारस के एसएसपी ने अब तक की सबसे अनोखी पहल की है। बच्चों को सेल्फ डिफेंस सिखाने के लिए पुलिस की छवि अच्छी बनाने के लिए समर कैंप का आयोजन किया गया है। 10 दिवसीय समर कैंप 20 अप्रैल से आरंभ होगा। इसके लिए एसपीआरए के कचहरी स्थित ऑफिस या फिर पुलिस लाइन स्थित आरआई के कार्यालय से फार्म प्राप्त किया जा सकता है। 15 अप्रैल से विभिन्न माध्यमों से फार्म मिलने लगेगा और समर कैंप का शुल्क 500 रुपये रखा गया है। समर कैंप कक्षा 6 से 10 तक के बच्चों के लिए होगा।
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एसएसपी आरके भारद्वाज ने शनिवार को प्रेस कांफ्रेंस करके इस अनोखे समर कैंप की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बच्चों के लिए यह पहला अवसर है जब वह अपने अधिकारों को जानने के साथ पुलिस की कार्य प्रणाली को बेहद करीब से देखने का मौका मिलेगा। समर कैंप में बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस ने बेहद खास उपाय किये गये हैं। बाहर से आये विशेषज्ञ बच्चों को विभिन्न चीजों की ट्रेनिंग देंगे। बच्चों को घुड़सवारी, नकली बंदूक से फायरिंग, पुलिस थाना देखना, गुड टच व बैड टच की जानकारी दी जायेगी। बच्चों की हेल्फ लाइन 1090 की जानकारी, सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग व अप्रिय स्थिति में बच्चे क्या करें। इसकी भी जानकारी दी जायेगी। एसएसपी आरके भारद्वाज ने कहा कि यदि यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले समय में अधिक बच्चों का ट्रेनिंग दी जायेगी।
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समर कैंप के नोडल अधिकारी एसपीआरए ने कहा पहली बार हो रहा ऐसा प्रयोग
एसपीआरए अमित कुमार ने कहा कि पहली बार ऐसा प्रयोग हो रहा है। समर कैंप में बच्चों की देखरेख के लिए महिला कांस्टेबल, चिकित्सक, पीने का पानी आदि सभी चीजों की व्यवस्था की गयी है। समर कैंप का आयोजन शाम को चार बजे से सात बजे तक किया गया है। पुलिस लाइन में अभिभाव के साथ बच्चे आयेंगे। इसके बाद समर कैंप खत्म होने तक बच्चों की जिम्मेदारी पुलिस की होगी। बच्चों को म्यूजियम भी घुमाया जायेगा। एसपीआरए ने कहा कि इस योजना से दो तरह का फायदा होगा। पहला बच्चों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग मिलने के साथ पुलिस को लेकर उनका नजरिया बदलेगा। बच्चे जब बड़े होंगे तो पुलिस से उन्हें जुडऩे में आसानी होगी। साथ ही जब बच्चों का पुलिस को लेकर नजरिया बदलेगा तो घर के अन्य सदस्य भी अपनी सोच बदलने के लिए विवश होंगे।
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समर कैंप में अधिकतम 80 बच्चों को मिलेगी जगह
समर कैंप में अधिकतम 50 बच्चों को ही ट्रेनिंग दी जायेगी। बच्चों को दंगा नियंत्रण की ड्रील, पुलिस के हथियार आदि भी दिखाये जायेंगे। बच्चों के पंजीकरण के लिए वाट्सएप गु्रप के अतिरिक्त पुलिस लाइन स्थित आरआई के कार्यालय 2502020 व एसपीआरए के कार्यालय 2501942 से सम्पर्क किया जा सकता है। फार्म में बच्चों को आवश्यक जानकारी देने के साथ उन्हें एक निंबल भी लिखना होगा। यह निबंध खुद बच्चे अपने हाथ से लिखेंगे। निबंध का विषय होगा आप क्यों पुलिस के समर कैंप में जाना चाहते हैं यदि बच्चों की संख्या 80 से अधिक हो जाती है तो निंबध के आधार पर ही निर्धारित संख्या में बच्चों का चयन किया जायेगा।
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