
वाराणसी. संसदीय चुनाव 2019 से पहले बीजेपी की मुश्किले बढ़ती जा रही है। यूपी में बीजेपी का साथ छोडऩे की धमकी दे रही सुभासपा के बाद एक और क्षेत्रीय पार्टी ने भगवा पार्टी को चुनौती है। जनवादी पार्टी(सोशलिस्ट) ने 4 फरवरी को कटिंग मेमोरियल में सम्राट पृथ्वीराज चौहान स्वाभिमानी रैली का आयोजन किया गया है, जिसमे मुख्य अतिथि पूर्व सीएम अखिलेश यादव होंगे। पार्टी ने साफ संकेत कर दिया है कि आने वाले चुनाव में वह सपा का साथ देंगे।
यह भी पढ़े:-हाईकोर्ट का सीएम योगी सरकार को झटका, अवैध खनन में फंसे दो जिलाधिकारी को बचाने पर नाखुश
जनवादी पार्टी(सोशलिस्ट) के महासचिव दीपक चौहान ने कहा कि वर्ष 2012 में उन्होंने बीजेपी का साथ दिया था। बीजेपी ने हमारे साथ न्याय नहीं किया है। अफगानिस्तान में सम्राट पृथ्वीराज चौहान व चन्दबरदाई की अस्थियों को साथ जो सलूक किया जा रहा है वह किसी से छिपा नहीं है। हमें लगा था कि बीजेपी महान सम्राट की अस्थियों को देश लायेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दीपक चौहान ने कहा कि अब हम सपा के साथ आ गये हैं। पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने जिस तरह से शोषित, अति पिछड़ा समाज का कल्याण किया है उससे हम अखिलेश यादव के साथ खड़े हैं और वर्ष २०१९ में सपा के साथ जनवादी पार्टी(सोशलिस्ट) पार्टी मिल कर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि यूपी में चौहानों का १० प्रतिशत वोट हैं जो किसी भी दल का समीकरण बिगाड़ सकता है।
यह भी पढ़े:-राजस्थान उपचुनाव में हार के बाद बैकफुट पर बीजेपी, काटे जायेंगे आधा दर्जन से अधिक सांसदों के टिकट
बीेजपी के साथ वर्ष 2012 में चार सीटों पर लड़ा था चुनाव
जनवादी पार्टी(सोशलिस्ट) का दावा है कि वर्ष 2012 में बीजेपी के साथ चार सीटों पर चुनाव लड़ा था इस बार सपा के साथ आ गये हैं। उन्होंने कहा कि चार फरवरी को बनारस के कटिंग मेमोरियल में होने वाली रैली में चौहान समाज की ऐतिहासिक भीड़ जमा होगी।
यह भी पढ़े:-जिला जेल में मोबाइल मिलने के बाद हंगामा, सिपाही व जेल अधिकारी आमने-सामने
तो फिर बीजेपी को लग जायेगा झटका
बीजेपी ने यूपी जीतने के लिए पिछड़ा व अति पिछड़ा वर्ग को अपने साथ किया था इसके चलते अपना दल सोनेलाल व सुभासपा जैसी पार्टी से बीजेपी ने गठबंधन किया था, लेकिन जिस तरह संसदीय चुनाव के पहले बीजेपी का साथ स्थानीय दल के लोग छोड़ रहे हैं उससे भगवा पार्टी को झटका लग सकता है। बीजेपी छोडऩे वालों की पहली पसंद अखिलेश यादव बनते जा रहे हैं जो भी बीजेपी के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।
यह भी पढ़े:-कोर्ट ने दिया बृजेश सिंह को बड़ा झटका, कहा चल नहीं सकते तो व्हीलचेयर पर कराये पेशी
सपा ने की है कार्यक्रम को सफल बनाने की तैयारी
सपा ने भी इस कार्यक्रम को लेकर बड़ा दांव खेल दिया है। जनवादी पार्टी(सोशलिस्ट) पार्टी के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अखिलेश यादव होंगे। इस कार्यक्रम में सपा का झंडा कही नहीं दिखाया जायेगा। सपा नेताओं का दावा है कि वह बाबतपुर पर अखिलेश यादव का स्वागत करेंगे। इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में सपा नेता नहीं जायेंगे। जबकि हकीकत यह है कि भारी संख्या में सपाई भी रैली स्थल पर जुट कर सभा का सफल बनायेंगे। इससे यह संदेश जायेगा कि अखिलेश यादव की रैली में बिना सपा के सहयोग के ही जनसैलाब उमड़ रहा है।
यह भी पढ़े:-पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में आरएसएस को मजबूत करेंगे संघ प्रमुख मोहन भागवत