
सुनवाई के लिए कलेक्टर खुद पहुंचे डेढ़ सौ फरियादियों के पास
विदिशा. ऐसे दृश्य भी खूब देखे हैं जब कलेक्टर अपने डायस पर बैठे हैं और फरियादी नीचे हाथ जोड़े गिड़गिड़ा रहा है। लेकिन इस मंगलवार जनसुनवाई में नजारा बिल्कुल जुदा था। कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह अपनी कुर्सी छोड़कर गैलरी में बैठे फरियादियों के पास खुद जा पहुंचे और एक-एक व्यक्ति के पास खुद पहुंचकर उनकी समस्या सुनी और निराकरण का भरोसा दिलाया। उन्होंने दो-तीन राउंड लगाकर कुछ ही मिनटों में करीब 150 से ज्यादा फरियादियों की बात सुनी। कलेक्टर का ये अंदाज फरियादियों को भी पसंद आया।
कलेक्टर कौशलेन्द्र सिंह जनसुनवाई में लोगों की बढ़ती भीड़ और गैलरी में बैठे लोगों को देखकर वे बाहर आ गए। वे एक-एक कर कतार से कुर्सियों पर बैठे और खड़े लोगों के पास पहुंचते गए। उनके हाथों से आवेदन लेते और उसकी सुनते। बात समझकर वे संबंधित अधिकारी को बुलाते और आवेदन पर रिमार्क लगाकर उसे हल करने को आदेशित करते। लोग उनके आने पर कुर्सियों पर खड़े होने लगते तो कलेक्टर और सीईओ दोनों उन्हें बैठे रहने को कहते।
मोहनगिरी की कलाबाई 6 माह पूर्व अपने पुत्र की सड़क हादसे में मौत के बाद आर्थिक सहायता के लिए आई थी, वह बोली कई बार कलेक्ट्रेट भटक चुकी हूं, पर सहायता नहीं मिली। कलेक्टर ने वह आवेदन अपने पास रख लिया, बोले- अम्मा, तुम्हें मदद मैं खुद दिलाऊंगा। एक व्यक्ति अपनी बेटी के साथ आया था उसने कलेक्टर को बताया कि मजदूरी करता हूं, पैसे नहीं हैं इसलिए स्कूल वाले टीसी नहीं दे रहे हैं। कलेक्टर ने कहा कि टीसी रोकने का कोई अधिकार किसी को नहीं है। टीसी दिलवाई जाएगी।
मैं उम्र में बड़ा हूं, लेकिन वे ओहदे में
फरियादी कुर्सियों पर बैठे थे और कलेक्टर उनके सामने पहुंचकर खड़े होकर फरियाद सुन रहे थे। कलेक्टर के सामने आते ही अधिकांश फरियादी उठ खड़े होते, तो साथी अधिकारी उन्हें बैठने को कहते। लेकिन एक बुजुर्ग से बार-बार कहने पर भी वे नहीं बैठे। जोर देने पर उनका जवाब था, हम उम्र में जरूर बड़े हैं, लेकिन वे ओहदे में बहुत बड़े हैं, वे खड़े रहें हम बैठेें यह ठीक नही।
Published on:
17 Jul 2018, 5:22 PM IST
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