
विदिशा। जल संरक्षण के लिए बेतवा पर चल रहे पत्रिका के अमृतम जलम अभियान में मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रमदानी बेतवा चरणतीर्थ घाट पर एकत्रित हुए। यहां एक ओर बेतवा में वर्षों से पड़ी शवों की विसर्जित राख को बाहर निकालने के लिए श्रमदानियों की टीम जुटी रही। वहीं दूसरी ओर चरणतीर्थ घाट से मिट्टी निकालने का कार्य हुआ।
सुबह एडीएम एचपी वर्मा, एसडीएम रविशंकर राय, नपाध्यक्ष मुकेश टंडन, मुक्तिधाम सेवा समिति के सचिव मनोज पांडे सहित मोहर्रम कमेटी एवं विभिन्न संगठनों से जुड़े सदस्य बड़ी संख्या में चरणतीर्थ घाट पर एकत्रित हुए और देखते ही देखते श्रमदानियों की संख्या बढ़ती गई।
अधिक संख्या में श्रमदानी होने से बेतवा के दो अलग-अलग स्थानों पर श्रमदान हुआ। एक ओर श्रमदानियों की टीम कतारबद्ध होकर बेतवा में शवों की विसर्जित राख को नदी से बाहर निकालती रही। इस दौरान कई तगाड़ी राख बेतवा से निकाली गई। इस कतार में बेतवा उत्थान समिति के सचिव अतुल शाह सहित ज्यादातर छात्र-छात्राएं शामिल रहे। इस श्रमदान के दौरान छात्र-छात्राओं का विचार रहा कि हो सकता हो इसमें हमारे पूर्वज भी हों और हमें यह मौका उन्होंने दिया हो।
श्रमदान में सद्भाव की झलक
वहीं दूसरी ओर चरणतीर्थ पर भी बड़ी संख्या में श्रमदानियों के साथ ही मुस्लिम समाज के सदस्यों की भी काफी संख्या रही। दो कतारों में लगकर श्रमदान हुआ और बेतवा नदी की सीढिय़ों पर जमी मिट्टी व कचरे को बाहर निकाला गया। यहां मोहर्रम कमेटी के सदस्यों के अलावा नगरपालिका अध्यक्ष, एडीएम, एसडीएम, जैन कॉलेज स्टॉफ, एनएसएस के छात्र, शासकीय अशासकीय शिक्षक व अन्य कर्मचारी व नियमित श्रमदानी मौजूद रहे।
अभियान को सराहा
पत्रिका का अमृतम जलम अभियान सराहनीय है। शिवपुरी कार्यकाल के दौरान भी वे इस अभियान में शामिल रहे थे। जल स्तर नीचे जा रहा है। ऐसे में सभी को इस दिशा में सोचना चाहिए।
-एचपी वर्मा, एडीएम
जल ही जीवन है। पानी नहीं तो हमारा जीवन नहीं। सभी के मन में बेतवा को स्वच्छ रखने की चेतना हमेशा जाग्रत रहना चाहिए।
-डॉ. शोभा जैन, प्राचार्य, जैन कॉलेज,
शहर की परंपरा रही है सद्भाव की। पत्रिका के अमृतम जलम में इस श्रमदान श्रमदान के दौरान सद्भाव का यह नजारा देखने को मिला। पीढिय़ों से बेतवा जीवनदायिनी रही है। नदियों को पुनर्जीवित करना हम सभी का दायित्व है।
-मुकेश टंडन, नपाध्यक्ष
श्रमदान में यह रहे शामिल
मोहर्रम कमेटी से जुड़े फरहत अली, मुवस्सिर चौधरी, सोहेल अहमद, मोहम्मद सहजाद, हाजी बाबू पठान, जफर मंसूरी, परवेज अहमद, लईक पठान, शकील, अफसर खान, नफीस कुरैशी, इकराम कुरैशी, बाबू मंसूरी, हफीज मंसूरी, अब्दुल हमीद, मोहम्मद अरमान, आसिफ पटेल, शाहिद अली वारसी, शिक्षक नवाब शाह आदि शामिल रहे। इसी तरह एसएसएल जैन कॉलेज प्राचार्य डॉ. शोभा जैन, डॉ. नीति खरे, डॉ. जयश्री बोराना, संतोष चौहान, शिवेंद्र शर्मा, रविकांत नामदेव, राजकुमार शर्मा, रवि दुबे, डॉ. संतोष चौहान, सुरेंद्र जैन एवं एनएसएस से जुड़े महाराजसिंह अहिरवार, राधेश्याम परिहार, मोहित राठौर, आदित्य राजोरिया, भगवानसिंह अहिरवार, अमित मालवीय, दीपक जाटव, समीर मेहतो, शिवम सक्सेना, हेमंत लोधी, सचिन कुशवाह शामिल रहे। सेंटमेरी कॉलेज से अरविंद द्विवेदी, गल्र्स हॉस्टल की छात्राएं प्रीति लोधी, सुमन कुशवाह, सीमा धाकड़, विनीता दांगी, निशा दांगी, रानी विश्वकर्मा, बबीता केवट, निकिता दांगी, रक्षा मालवीय, रेखा अहिरवार, नालू नरवरिया आदि शामिल रहीं।
इसी तरह राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक बलवीरसिंह तोमर, निशा तिवारी, दिलीप सिंह जाट, शिवराम शर्मा, राकेश जैन, विजय श्रीवास्तव, जनअभियान परिषद की जिला संयोजक पूजा श्रीवास्तव, लायंस क्लब के जेएस चौहान आदि बड़ी संख्या में श्रमदानी शामिल रहे।
Published on:
15 May 2018, 3:26 PM IST
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