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कांटों की बागड़ में कैद 1 करोड़ की हरियाली

एक वर्ष से बंद है मुखर्जी पार्क का रास्ता, हरियाली का आनंद नहीं ले पा रहे लोग
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विदिशा

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Deepesh Tiwari

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Updated: 30 Apr 2018, 10:28 AM IST

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विदिशा। शहर में नगरपालिका की पूर्व परिषद द्वारा तैयार कराए गए करीब एक करोड़ की लागत के मुखर्जीनगर पार्क का आनंद लोग नहीं ले पा रहे हैं। पार्क तक जाने का रास्ता कानूनी प्रक्रिया के तहत बंद हो गया और नई परिषद करीब दस माह बाद भी इस पार्क को नए रास्ते से नहीं जोड़ पाई है। पार्क के मुख्य द्वार के आगे कांटे की बागड़ लगी होने से लोग अब इस पार्क का आनंद नहीं ले पा रहे हैं।

मालूम हो कि शहर में अच्छे पार्कों की कमी को दूर करने के लिए पूर्व नगरपालिका परिषद ने शहर में सांची मार्ग पर यह पार्क निर्मित कराया था। जिसे श्यामाप्रसाद मुखर्जी पार्क नाम दिया गया था। इस पार्क को खूबसूरत रूप देने साथ ही यहां बोट क्लब भी शुरू होने से यह पार्क लोगों के लिए ज्यादा पसंदीदा रहा। शहर में माधव उद्यान के बाद यह दूसरा खूबसूरत पार्क होने से हर दिन बड़ी संख्या में लोग हरियाली व बोट क्लब का आनंद लेने पहुंच रहे थे। करीब पांच वर्ष तक इस पार्क में लोगों का आना जाना बना रहा, लेकिन हरियाली का यह आनंद ज्यादा समय नहीं रहा और भीषण गर्मी के बीच लोगों को परेशान होना पड़ रहा है।

निजी जमीन से था रास्ता
पार्क से जुड़े जानकारों के मुताबिक इस पार्क का पहुंच मार्ग निजी जमीन पर बनाया गया था। इससे मामला न्यायालय पहुंचा और न्यायालयीन प्रक्रिया के बाद नपा को पार्क का यह पहुंच मार्ग बंद करना पड़ा है। पार्क के मेन गेट से करीब 25 फिट दूर कांटे की बागड़ लगी हुई है। रास्ता बंद होने से अनजान लोग पार्क के लिए पहुंचते है लेकिन बागड़ देखकर उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ रहा है।

दस माह में नपा ने नहीं दिया ध्यान
इधर नागरिकों का कहना है कि दस माह से पार्क बंद है और नगर पालिका गर्मी से पहले कोई नया रास्ता पार्क तक पहुंचाने का नहीं तलाश पाई। एडवोकेट विमल तारण का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग का स्थान है। जनता की मेहनत का पैसा इसमें लगा है। इसलिए रास्ते का हल निकाला जाना चाहिए। वहीं समाजिक कार्यकर्ता प्रमोद व्यास के मुताबिक पार्क के निर्माण के दौरान इन सभी बातों पर ध्यान दिया जाना चाहिए था, कहीं कोई कमी रह भी गई तो ऐसा नहीं कि उसका हल न हो। रास्ते का समाधान निकालने के प्रयास किए जाने चाहिए।

पार्क के पहुंचमार्ग का कार्य प्लानिंग में है। बेतवा के समानांतर रोड बनाने के दौरान इस मार्ग को भी ध्यान में रखकर कार्य किया जाएगा।
-सत्येंद्र धाकरे, सीएमओ, विदिशा

पार्क के पहुंचमार्ग के लिए संबंधितों से बात की जाएगी। विश्वास है कोई समाधान जरूर निकलेगा और पार्क आमजन के लिए पुन: खोला जाएगा।
-मुकेश टंडन, अध्यक्ष, नपा