जब राकेश को लगा कि उसके पास इतने पैसे हो गए हैं कि वो स्कूटी खरीद सकता है तो वो पूरे सिक्कों को एक बाल्टी में लेकर शोरूम पहुंच गया। दरअसल राकेश की पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं थी, लिहाजा उसके पास एक बैग भी नहीं था कि वो उसमें सिक्के डालकर ला सके।
शोरूम पर मौजूद मैनेजर ने बताया कि वह इस घटना से पहले 10 से 12 हजार तक के सिक्के ग्राहकों से ले चुके हैं, हालांकि, इस बार अनुभव कुछ अलग था।
मैनेजर ने कहा, 'एक मां ने जिस तरह तकलीफ सहकर अपने बेटे के लिए पैसे जमा किए, यह वाकई में तारीफ के काबिल है। आगे भी हमसे जो बन पाएगा हम उसके लिए करेंगे।'