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PCOD के लिए प्रभावी है ये होम्योपैथी दवाएं , जानिए परहेज व उपचार

PCOD homeopathic treatment : पीसीओडी यानी पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज में महिलाओं के गर्भाशय में तरल पदार्थ युक्त गांठें हो जाती है। इन गांठों की संख्या कुछ महिलाओं में कम तो कुछ में बहुत अधिक हो सकती है।
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जयपुर

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Manoj Vashisth

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Updated: 26 Jul 2023, 3:46 PM IST

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Health news and health Tips : PCOD homeopathic treatment

PCOD homeopathic treatment : पीसीओडी यानी पॉलीसिस्टिक ओवेरियन डिजीज में महिलाओं के गर्भाशय में तरल पदार्थ युक्त गांठें हो जाती हंै। इन गांठों की संख्या कुछ महिलाओं में कम तो कुछ में बहुत अधिक हो सकती है। ये गांठें शरीर में हार्मोंस को असंतुलित कर देती हैं। इससे महिलाओं में पुरुष हार्मोंस अधिक बनने लगते हैं और शरीर में अंडा बनने की प्रक्रिया बाधित होने लगती है।

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PCOD homeopathic treatment : पीसीओडी के प्रमुख लक्षणों में चेहरे व शरीर पर बालों की अधिकता, वजन बढऩा, माहवारी में अधिक दर्द होना, माहवारी का अनियमित होना, मां न बन पाना, डिप्रेशन, कील-मुंहासों का ठीक न होना आदि हैं। इस समस्या से पीडि़त महिलाओं में डायबिटीज का खतरा भी बढ़ जाता है क्योंकि इसमें शरीर इंसुलिन का प्रयोग करना कम कर देता है।

PCOD precautions and treatment परहेज व उपचार

- वजन नियंत्रित रखें व नियमित एक्सरसाइज करें।
- संतुलित भोजन लें। अच्छी मात्रा में फल व सब्जियां, साबुत अनाज व कम वसा युक्त दुग्ध उत्पाद लें।
- फास्ट फूड व अधिक कैलोरी वाले भोजन से बचें।

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होम्यौपेथी चिकित्सा: पीसीओडी के इलाज के लिए बैलाडोना, केल्केरिया, कार्ब, थुजा, सिपिया, सिमिसीफूगा, प्लेटीना, पल्सेटीला आदि दी जाती हैं। डॉ. सविता माहेश्वरी, होम्योपैथी विशेषज्ञ
(नोट: दवा का प्रयोग विशेषज्ञ की सलाह से ही करें)

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।