
Pakistan-Economy
Pakistan: मार्केटिंग रिसर्च फर्म पल्स कन्सल्टेंट्स ( Pulse consultants) के अनुसार,पाकिस्तानी परिवार मुद्रास्फीति की मौजूदा लहर के कारण, 10 में से 7 शहरी (74 प्रतिशत) अपनी वर्तमान आय से अपने खर्च कवर नहीं कर सकते।
ध्यान रहे कि मई 2023 में यह अनुपात 60 फीसदी था और उपरोक्त 74% परिवार जो अपने खर्चे पूरे नहीं कर पाते थे, उनमें से 60% ने अपने खर्चे कम कर दिए जिसका सीधा असर खाद्य पदार्थों की खरीदारी पर पड़ा।
इनमें से 40 प्रतिशत परिवारों को अपने खर्चे पूरे करने के लिए पैसे उधार लेने पड़े, जबकि कुछ (10 प्रतिशत) को अतिरिक्त अंशकालिक नौकरी करके अपने खर्चों का प्रबंधन करना पड़ा।
इधर 50 प्रतिशत से कुछ अधिक उपभोक्ता अपनी आय की मदद से अपने खर्चों को पूरा करने का प्रबंधन करते हैं, लेकिन उनके अनुसार, इसके बाद वे कोई पैसा नहीं बचा पाते हैं।
पल्स कन्सल्टेंट्स की ओर से जुलाई में एक टेलीफोनिक सर्व किया गया था, जिसमें पाकिस्तान के शीर्ष 11 शहरों में 18-55 आयु वर्ग के लोगों की राय मांगी गई थी।
अब खरीदारी और उपभोग पर मुद्रा स्फीति के प्रभाव का आकलन करने के लिए अगस्त में 17 शहरों में 1,800 से अधिक पुरुषों और महिलाओं से संपर्क किया जाएगा।
हाल के झटकों के बीच गरीबी में कमी धीमी हो गई है, क्योंकि आर्थिक विकास अस्थिर और धीमा रही है। पाकिस्तान ने 2001 से 2018 के बीच गैर-कृषि आर्थिक अवसरों के विस्तार और प्रेषण के बढ़ते प्रवाह के साथ गरीबी को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। हालाँकि, तेजी से गरीबी में कमी पूरी तरह से बेहतर सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में तब्दील नहीं हुई है, क्योंकि मानव पूंजी के परिणाम खराब रहे हैं, जिसमें 38 प्रतिशत पर स्टंटिंग का उच्च स्तर और 78 प्रतिशत पर गरीबी है।
पाकिस्तान में लगातार राजकोषीय और चालू खाता घाटा, संरक्षणवादी व्यापार नीतियाँ, अनुत्पादक कृषि, एक कठिन कारोबारी माहौल, अर्थव्यवस्था में एक भारी राज्य की उपस्थिति और वित्तीय रूप से अस्थिर ऊर्जा क्षेत्र सहित महत्वपूर्ण बाधाएँ अनसुलझी रह गई हैं, जिससे धीमी और अस्थिर वृद्धि हुई है।
व्यापक आर्थिक अस्थिरता, COVID-19 महामारी और 2022 की विनाशकारी बाढ़ के बीच गरीबी में कमी की प्रगति हाल ही में धीमी हो गई है। वर्ष 2023-24 के लिए अनुमानित निम्न-मध्यम आय गरीबी दर 40.1 प्रतिशत (यूएस$3.65/दिन 2017 पीपीपी) है, जो वस्तुतः 2018 की गरीबी दर के समान है, लेकिन 7 मिलियन और पाकिस्तानी गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं।
पाकिस्तान में 2022 में भारी मानसूनी बारिश हुई, जिसके कारण विनाशकारी और अभूतपूर्व बाढ़ आई, जिसका मानवीय और आर्थिक प्रभाव बहुत ज़्यादा रहा। लगभग 33 मिलियन लोग प्रभावित हुए, और कई लोग स्थायी रूप से विस्थापित हो गए। 13,000 किलोमीटर से ज़्यादा सड़कें नष्ट हो गईं, 2.2 मिलियन घर क्षतिग्रस्त हो गए, लगभग 3.8 मिलियन हेक्टेयर फसलें बाढ़ में डूब गईं, और अनुमानतः 1.2 मिलियन पशुधन मारे गए।
इनपुट और आउटपुट बाज़ारों तक सीमित पहुँच और आपूर्ति श्रृंखलाओं में अस्थायी व्यवधानों ने बाद में खाद्य कीमतों को बढ़ा दिया और कृषि उपज में कमी और खाद्य कीमतों में वैश्विक वृद्धि के परिणामस्वरूप मौजूदा मूल्य दबाव को और बढ़ा दिया। सरकार के आपदा-पश्चात आवश्यकता आकलन ने अनुमान लगाया कि पुनर्वास व पुनर्निर्माण की आवश्यकता 16.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर है।
पाकिस्तान ने हाल ही में व्यापक आर्थिक स्थिरीकरण की दिशा में प्रगति की है, लेकिन जोखिम बहुत अधिक बने हुए हैं और तेज़ विकास के लिए पर्याप्त सुधार की आवश्यकता होगी। वित्त वर्ष 2022 में 6.2 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2021 में 5.8 प्रतिशत की वृद्धि के बाद वित्त वर्ष 2023 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि में 0.2 प्रतिशत की कमी आई। उच्च राजकोषीय घाटे और बढ़ते कर्ज सहित संचित आर्थिक असंतुलन ने पाकिस्तान के नीतिगत बफर को समाप्त कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप विनाशकारी बाढ़, उच्च विश्व कमोडिटी कीमतों और सख्त वैश्विक वित्तपोषण स्थितियों के प्रति उच्च संवेदनशीलता पैदा हुई।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) विस्तारित निधि सुविधा (EFF) कार्यक्रम को लागू करने में बार-बार देरी और बाहरी वित्तपोषण प्रवाह में संबंधित गिरावट ने उच्च मुद्रास्फीति और तेज मुद्रा अवमूल्यन के बीच विदेशी भंडार को गंभीर रूप से निम्न स्तर पर पहुंचा दिया। अधूरे EFF कार्यक्रम की समाप्ति के बाद, IMF द्वारा नौ महीने की स्टैंड-बाय व्यवस्था (SBA) को मंजूरी दी गई, जिसकी मार्च 2024 में अंतिम समीक्षा पर स्टाफ स्तर पर सहमति बनी।
इधर SBA के तहत, विनिमय दर में लचीलापन बहाल किया गया, विदेशी मुद्रा भंडार और आर्थिक विकास में कुछ सुधार के साथ आयात नियंत्रण में ढील दी गई और FY24 के राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने के लिए नए उपाय पेश किए गए। फिर भी, जोखिम अभी भी उच्च बने हुए हैं। अल्पकालिक स्थिरता SBA के साथ ट्रैक पर बने रहने, राजकोषीय संयम जारी रखने और नए बाहरी वित्तपोषण प्रवाह पर निर्भर करती है। मध्यम अवधि में मजबूत आर्थिक सुधार के लिए बहुत व्यापक राजकोषीय और आर्थिक सुधारों के दृढ़ कार्यान्वयन की आवश्यकता होगी।
Updated on:
17 Aug 2024 01:50 pm
Published on:
17 Aug 2024 01:48 pm
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