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भारत ही नहीं, दुनियाभर की सड़कें पैदल चलने वालों और साइकिल सवारों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। 2010 से 2021 की अवधि में वैश्विक स्तर पर औसतन हर दिन 750 से ज्यादा पैदल यात्री और 194 साइकिल सवार सड़क हादसों के शिकार हो गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि सड़क हादसों में कुल मौतों में 5 फीसदी कमी आने के बावजूद वैश्विक स्तर पर पैदल यात्रियों और साइकिल सवारों की मौतों की संख्या बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार हर साल 274,000 पैदल यात्री सड़कों पर होने वाले हादसों का शिकार बन गए और इसमें 3 फीसदी का इजाफा देखा गया। जबकि हर साल 71 हजार साइकिल सवारों की मौत सड़क हादसों में हुई। इसमें 20 फीसदी की चिंताजनक बढ़ोतरी देखी गई। यह जानकारी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी नई रिपोर्ट 'ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन रोड सेफ्टी 2023' में सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में हर साल सड़क हादसों में जितनी जाने जा रही हैं उसमें से 23 फीसदी शिकार पैदल और छह फीसदी यात्री साइकिल सवार होते हैं।
बच्चों और युवाओं की मौत का सबसे बड़ा कारण
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2010 के दौरान जहां सड़क हादसों में कुल 12.5 लाख लोगों की जान गई थी। वहीं 2021 में मौतों का यह आंकड़ा घटकर 11.9 लाख रह गया है। यानी इस अवधि में इसमें 5 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं एनसीआरबी के आंकड़े गवाह हैं कि भारत में इन मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
डब्ल्यूएचओ रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर अभी भी हर मिनट में 2 और रोजाना औसतन 3200 लोगों की जान इन सड़क हादसों में जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, सड़क यातायात दुर्घटनाएं 5 से 29 वर्ष की आयु के बच्चों और युवाओं की मौत का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।
80 फीसदी सड़कें पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि दुनिया में 80 फीसदी सड़कें पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। यहां पैदल यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े मानक पूरे नहीं किए जा रहे। वैश्विक स्तर पर महज 0.2 फीसदी सड़कों पर साइकिल लेन मौजूद हैं। साफ है कि सड़कें पैदल और साइकिल सवारों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। इतना ही नहीं, यह भी सामने आया है कि हर दस में से नौ लोग पैदल चलते हैं। इसके बावजूद दुनिया के केवल एक चौथाई देशों में पैदल यात्रियों, साइकिल सवारों और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के सम्बन्ध में नीतियां बनाई गई हैं।
निम्न और मध्यम आय वाले देशों में 90 फीसदी मौतें
रिपोर्ट के अनुसार, सड़क हादसों में 10 में से नौ मौतें निम्न और मध्यम आय वाले देशों में होती हैं, और इन देशों में वाहनों और सड़कों की संख्या के मुकाबले मौतें बेहिसाब रूप से अधिक हैं। इस तरह, उच्च आय वाले देशों की तुलना में कम आय वाले देशों में मृत्यु का जोखिम 3 गुना अधिक है, जबकि कम आय वाले देशों में दुनिया के केवल 1% मोटर वाहन हैं।
असुरक्षित यात्रियों की हो रहीं सड़क हादसों में आधे से ज्यादा मौतें
वाहन सवार मौतें
पैदल यात्री 23 फीसदी
दुपहिया/तिपहिया सवार 21 फीसदी
साइकिल सवार 6 फीसदी
ई-स्कूटर्स और अन्य वाहन 3 फीसदी
दक्षिण पूर्व एशिया में सबसे अधिक मौतें
क्षेत्रवार सड़क हादसों से होने वाली मौतें
क्षेत्र मौतों का प्रतिशत
दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र 28%
पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र 25%
अफ्रीकी क्षेत्र 19%
अमरीकी क्षेत्र 12%
पूर्व भूमध्यसागरीय क्षेत्र 11%
यूरोपीय क्षेत्र 5%
Published on:
18 Dec 2023 11:53 pm
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