
पाकिस्तानी सेना (Photo - ANI)
जो पाकिस्तान (Pakistan) लंबे समय से आतंकियों के लिए सबसे सुरक्षित जगह रहा है, वो अब आतंकवाद के दलदल में धंस चुका है। इस दलदल में सबसे ज़्यादा धंसा हुआ पाकिस्तानी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा ((Khyber Pakhtunkhwa)) है। पूरे खैबर पख्तूनखा में आतंकवाद का जाल फैला हुआ है और अक्सर ही पाकिस्तानी सेना, पुलिस और सरकारी अधिकारी मुख्य रूप से और सामान्य नागरिक फंसते हैं। ऐसे में इन्हें रोकने के लिए पाकिस्तानी सेना भी पूरी तरह से एक्टिव है और उसका सैन्य अभियान जारी है।
पाकिस्तानी सेना ने आज खैबर पख्तूनख्वा के उत्तरी वजीरिस्तान जिले में खुफिया जानकारी के आधार पर चलाए सैन्य अभियान में 7 आतंकी मार गिराए। पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस - आईएसपीआर (Inter-Services Public Relations - ISPR) ने इस बारे में जानकारी दी।
आतंकियों के खिलाफ पाकिस्तानी सेना को खैबर पख्तूनख्वा में एक बार फिर कामयाबी मिली है। पिछले कुछ हफ्तों में पाकिस्तानी सेना ने प्रांत में कई आतंकियों का सफलतापूर्वक एनकाउंटर किया है और आतंकवाद के खिलाफ अपनी जंग को जारी रखा है।
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान यानी टीटीपी (Tehreek-e-Taliban Pakistan aka TTP) संगठन एक्टिव है। इस आतंकी संगठन की गतिविधियाँ पूरे प्रांत में देखने को मिलती हैं। टीटीपी का नेटवर्क पूरे खैबर पख्तूनखा में फैला हुआ है और अफगान तालिबान (Taliban) से भी टीटीपी को पूरा समर्थन मिलता है। बॉर्डर के ज़रिए खैबर पख्तूनख्वा और अफगानिस्तान (Afghanistan) एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। पाकिस्तानी सेना ने आज न सिर्फ आतंकियों को मारा, बल्कि उनके नेटवर्क को भी नुकसान पहुंचाया। इंटर-सर्विसेज़ पब्लिक रिलेशंस के अनुसार मारे गए आतंकियों के पास से पाकिस्तानी सेना को भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद मिला। इनका इस्तेमाल प्रांत में आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाना था। सेना ने आतंकियों के कई ठिकानों को भी तबाह कर दिया।
खैबर पख्तूनखा में टीटीपी का आतंक बढ़ता ही जा रहा है और पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच चल रहे तनाव की मुख्य वजह यही है। इसी वजह से पाकिस्तानी सेना समय-समय पर अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक्स करती है। हालांकि इन हमलों में कई निर्दोष लोग भी मारे जाते हैं।
Updated on:
09 Oct 2026 03:45 pm
Published on:
09 Oct 2026 03:28 pm
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