
QUAD Countries
बीते कुछ वर्षों मे भारत (India) ने दुनिया का नेतृत्व करना सीख लिया है। भारत आज क्वाड - क्वाड्रिलैटरल सिक्योरिटी डायलॉग (QUAD - Quadrilateral Security Dialogue) देशों की ड्राइविंग सीट पर है और क्वाड देशों की ड्राइविंग फोर्स बन चुका है। अमेरिका (United States Of America) भारत के पास की सीट पर है। जापान (Japan) एक नेविगेटर की तरह है और ऑस्ट्रेलिया (Australia) क्वाड की कार की पिछली सीट पर है, जो यह ध्यान रख रहा है कि किसी के पास किसी चीज की कमी तो नहीं है।
कूटनीति में आया बदलाव
भारत की कूटनीति में काफी बदलाव आया है। उसे तय करना है कि क्वाड देशों की आगे की रणनीति क्या होगी। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल - जेएलएफ (Jaipur Literature Festival - JLF) में सेशन हार्ट ऑफ द मैटर क्वाड एंड द न्यू इंडो पैसेफिक विजन में अमेरिका के राजदूत एरिक गारसेटी, जापान के राजदूत हिरोशी सुजुकी और ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री मैल्कम टर्नबुल ने सेशन में भारत, खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि उन्हीं की इच्छाशक्ति और सक्रियता की वजह से 2017 के बाद क्वाड के पुनर्गठन की राह खुली और अब 2022 के बाद क्वाड सक्रिय हो गया है।
चीन की वजह से क्वाड देश एक
स्पीकर्स का कहना का था कि क्वाड के गठन की वजह भले ही सामरिक नहीं थी, लेकिन यह भी सही है चीन (China) की वजह से क्वाड देश एक हैं। चीन अपनी सैन्य ताकत के बल पर इंडो पैसेसिफ क्षेत्र पर कब्जा करना चाहता है लेकिन क्वाड देश उसे यह बता देना चाहते हैं कि ताकत के बल पर उसका यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।
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Published on:
4 Feb 2024, 11:29 AM IST
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